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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिसकैल्कुलिया (Dyscalculia - गणितीय वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, स्टैनिस्लास डीहेन (Stanislas Dehaene) द्वारा प्रतिपादित 'ट्रिपल-कोड मॉडल' (Triple-Code Model: विजुअल अरेबिक नंबर फॉर्म, ऑडिटरी वर्बल वर्ड फॉर्म, और एनालॉग मैग्नीट्यूड रिप्रेजेंटेशन) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'इंट्रापैरिएटल सर्कस' (Intraparietal Sulcus - IPS), 'फूसीफॉर्म ग्यारस' (Fusiform Gyrus) और 'पेरीसिलvian क्षेत्रों' के बीच संख्यात्मक परिमाण प्रसंस्करण, स्थानिक-संख्यात्मक प्रतिनिधित्व (Spatial-Numerical Association) और अंकगणितीय डिकोडिंग की सक्रियण विसंगति, तथा ब्रायन बटरवर्थ (Brian Butterworth) द्वारा प्रतिपादित 'कोर नंबर सेंस डेफिसिट हाइपोथेसिस' (Core Number Sense Hypothesis) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी न्यूमेरेसी और संरचनात्मक गणितीय शिक्षाशास्त्र (Structured Numeracy Pedagogy) और विद्यार्थियों में मात्रात्मक बोध, संख्यात्मक प्रवाह व समग्र गणितीय दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में डिसकैल्कुलिया (गणितीय वैकल्य) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों, स्टैनिस्लास डीहेन के 'ट्रिपल-कोड मॉडल' (जिसमें इंट्रापैरिएटल सर्कस संख्यात्मक परिमाण के लिए केंद्रीय है) और ब्रायन बटरवर्थ के 'कोर नंबर सेंस' परिकल्पना का सटीक समावेश किया गया है। विकल्प 'a' इन सभी न्यूरोबायोलॉजिकल और आधुनिक समावेशी शिक्षाशास्त्रीय दृष्टिकोणों की सबसे सही व्याख्या करता है।
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) और 'बहुकारक सिद्धांत' (Multi-Factor Theory) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत का प्रतिपादन वर्ष 1904 में प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा किया गया था, जिनके अनुसार प्रत्येक मानसिक गतिविधि में दो प्रकार की मानसिक योग्यताएँ कार्य करती हैं—सामान्य कारक ('G' Factor) जो जन्मजात और सार्वभौमिक होता है, तथा विशिष्ट कारक ('S' Factor) जो अर्जित और व्यक्ति के विशेष कौशल पर निर्भर करता है।
2. ई. एल. थॉर्नडाइक (E. L. Thorndike) ने स्पीयरमैन के सिद्धांत की आलोचना करते हुए 'बहुकारक सिद्धांत' दिया, जिसके अनुसार बुद्धि किसी एक या दो कारकों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र और असंगठित मानसिक योग्यताओं (तत्वों) का एक समूह है, और उन्होंने बुद्धि के चार प्रमुख atributos—स्तर (Level), क्षेत्र (Area), ऊंचाई (Altitude), और गति (Speed) का उल्लेख किया है।
3. स्पीयरमैन ने अपने सिद्धांत के समर्थन में सांख्यिकीय विधि 'कारक विश्लेषण' (Factor Analysis) का व्यापक उपयोग किया था, जबकि थॉर्नडाइक ने बुद्धि की तुलना विभिन्न प्रकार के ताले और चाबियों से करते हुए यह स्पष्ट किया कि व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता उसके पास मौजूद तत्वों की संख्या पर निर्भर करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार, स्कूली शिक्षा का नया शैक्षणिक ढांचा (Pedagogical Structure) निम्नलिखित में से क्या है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'अमूर्त चिंतन' (Abstract thinking) किस अवस्था की विशेषता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक अनुक्रमण' (Ecological Succession) के न्यूरो-संज्ञानात्मक और पारिस्थितिक संदर्भ में, 'प्राथमिक अनुक्रमण' (Primary Succession - नग्न चट्टानों या नए रेत के टीलों पर जीवन की शुरुआत और पायोनीयर कम्युनिटी का विकास) के लिए आवश्यक चरणों (जैसे चट्टानों का अपक्षय, लाइकेन और मॉस का प्रकटन, मृदा का निर्माण और क्रमिक प्रजातियों का प्रतिस्थापन) तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - दीर्घकालिक पारिस्थितिकीय योजना और पर्यावरण प्रबंधन), 'Ventral Striatum' (दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता और जैव-सस्टेनेबिलिटी के प्रति रिवार्ड प्रोसेसिंग), तथा 'Posterior Cingulate Cortex' (PCC - प्रकृति के साथ आत्म-पहचान और पारिस्थितिकीय गतिकी का बोध) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन तथा इको-कॉग्निटिव पेडागोजी के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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