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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्लेक्सिया (Dyslexia - पठन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, सally Shaywitz और साथियों द्वारा प्रतिपादित 'फॉलोऑल-डिफ़िसिट मॉडल' (Phonological Deficit Model) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'वेंट्रल रीडिंग सिस्टम' (जिसमें 'लेफ्ट ऑक्सिपिटोटेंपोरल कॉर्टेक्स' और 'फूसीफॉर्म ग्यारस' शामिल हैं) तथा 'डॉर्सल रीडिंग सिस्टम' (जिसमें 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' और 'इन्फीरियर पैरिएटल लोब्यूल' शामिल हैं) के बीच फॉनेलॉजिकल डिकोडिंग, दृश्य-शब्द पहचान (Visual Word Recognition) और ऑर्थोग्राफिक मैपिंग की सक्रियण विसंगति, तथा मार्सिया हिर्श और साथियों द्वारा प्रतिपादित 'मल्टीसेंसरी फोनिक्स दृष्टिकोण' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, ऑर्टन-जिलिंगहम (Orton-Gillingham) आधारित संरचित साक्षरता शिक्षाशास्त्र और विद्यार्थियों में पठन प्रवाह, ध्वन्यात्मक जागरूकता व समग्र भाषा दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

डिस्लेक्सिया (पठन वैकल्य) एक न्यूरोलॉजिकल आधारित अधिगम अक्षमता है, जिसमें मुख्य रूप से मस्तिष्क के बाएं गोलार्ध में स्थित वेंट्रल और डॉर्सल रीडिंग सिस्टम (जैसे फूसीफॉर्म ग्यारस और इन्फीरियर पैरिएटल लोब्यूल) के बीच फॉनेलॉजिकल डिकोडिंग और ऑर्थोग्राफिक मैपिंग में व्यवधान होता है। सेली शेविट्ज़ के फॉनेलॉजिकल डिफिसिट मॉडल के अनुसार, बच्चे को ध्वनियों (phonemes) को अक्षरों से जोड़ने में कठिनाई होती है। इसके निवारण के लिए ऑर्टन-जिलिंगहम (Orton-Gillingham) जैसी बहुसंवेदी (Multisensory) और संरचित साक्षरता पद्धतियाँ अत्यंत प्रभावी मानी जाती हैं, जो दृश्य, श्रवण और किनेस्थेटिक (स्पर्श/गति) माध्यमों का एक साथ उपयोग करती हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की प्रक्रिया और त्रुटियाँ' (Learning Process and Error Analysis) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन फ्लैवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'मेटाकॉग्निशन या अधिविज्ञान' (Metacognition: मेटाकॉग्निटिव ज्ञान और मेटाकॉग्निटिव विनियमन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'रोस्ट्राल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Rostral Prefrontal Cortex - Brodmann Area 10), और 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) के बीच स्व-निगरानी (Self-Monitoring), त्रुटि संवेदनशीलता (Error Detection), और संज्ञानात्मक नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) और बर्ट्रेंड रसेल के 'चिंतन के नियमन व आंतरिक वाक् नियंत्रण' (Regulation of Thought & Inner Speech Control) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मेटाकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Metacognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में त्रुटियों के अर्थपूर्ण विश्लेषण (Error as a Learning Opportunity), स्वावलंबन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालक में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का पूर्ण विकास हो जाता है, जिससे वह यह समझ पाता है कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने पर भी उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है। 2. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बच्चे वस्तुओं और घटनाओं के वर्गीकरण (Classification), उत्क्रमणीयता (Reversibility) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यताओं में पारंगत हो जाते हैं, लेकिन वे अमूर्त तार्किक चिंतन और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetical-deductive reasoning) का उपयोग करने में असमर्थ होते हैं। 3. पियाजे के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) वह अंतिम चरण है जो किशोरावस्था से प्रारंभ होता है, जिसमें व्यक्ति वैज्ञानिक पद्धति से सोचना सीखता है और विभिन्न संभावनाओं के आधार पर अमूर्त समस्याओं का समाधान कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और मध्यवर्ती क्षेत्रों में मनाए जाने वाले प्रमुख लोक पर्वों और मेलों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. खिचड़ी मेला (Khichdi Mela) - गोरखपुर (यह मेला मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित किया जाता है, जहाँ नेपाल और दूर-दूर से श्रद्धालु आकर खिचड़ी चढ़ाते हैं) 2. सैयद सलार मसूद गाज़ी का मेला (Syed Salar Masaud Ghazi Mela) - बहराइच (यह मेला प्रतिवर्ष जेठ मास के पहले रविवार को लगता है जिसे 'बहराइच का मेला' भी कहा जाता है और यह हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक माना जाता है) 3. कबीर मेले की शुरुआत (Kabir Mela) - मगहर / संत कबीर नगर (यह स्थल वह स्थान है जहाँ कबीर दास जी ने अपनी नश्वर देह का त्याग किया था और यहाँ उनकी मजार व समाधि दोनों एक साथ स्थित हैं) 4. ध्रुपद मेला (Dhrupad Mela) - वाराणसी (यह मेला प्रतिवर्ष तुलसी घाट पर आयोजित किया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्राचीनतम 'ध्रुपद' गायन शैली का संरक्षण और संवर्धन करना है) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं? पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण शास्त्र के अंतर्गत, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यचर्या को 'विषयों' (Themes) के आधार पर संरचित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प प्राथमिक स्तर पर EVS के छह मुख्य विषयों (Themes) में से एक नहीं है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theories of Personality) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हंस आइजेंक (Hans Eysenck) द्वारा प्रतिपादित 'त्रि-आयामी व्यक्तित्व मॉडल' (Three-Factor Model: साइकोटिकिज़्म, एक्स्ट्रावर्शन, और न्यूरोटिसिज़्म - PEN) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'असेंडिंग रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम' (ARAS), 'लिम्बिक सिस्टम' (विशेषकर अमीगडाला और हिप्पोकैम्पस), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच कॉर्टिकल एरोसल विनियमन, संवेगात्मक प्रतिक्रियाशीलता, और आवेग नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट मैक्रे और पॉल कोस्टा के 'बिग फाइव पर्सनालिटी ट्रेड्स' (Big Five Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पर्सनालिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Personality Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत संवेगात्मक नियमन, तनाव प्रबंधन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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