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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'थार्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि के सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) और 'अभ्यास का नियम' (Law of Exercise) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'कॉर्टिको-स्ट्रिएटल सर्किट' (Corticostriatal Circuit), 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) और 'सेरेबेलम' (Cerebellum) के बीच सिनैप्टिक सुदृढ़ीकरण (Synaptic Potentiation), आदत निर्माण और मोटर कौशल स्वचालन की सक्रियण गतिकी, तथा डोनाल्ड हेब (Donald Hebb) द्वारा प्रतिपादित 'हेब्बियन लर्निंग' (Hebbian Learning: 'न्यूरॉन्स जो एक साथ फायर होते हैं, वे एक साथ जुड़ जाते हैं') के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अभ्यास-आधारित पुनरावृत्ति शिक्षाशास्त्र (Drill and Practice Pedagogy) और विद्यार्थियों में कौशल दक्षता, समस्या-समाधान की गति व समग्र अधिगम स्थायित्व के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (जिसमें प्रभाव का नियम और अभ्यास का नियम शामिल हैं) का सीधा संबंध मस्तिष्क के कॉर्टिको-स्ट्रिएटल सर्किट, मोटर कॉर्टेक्स और सेरेबेलम की न्यूरोनल एक्टिविटी से है। जब कोई छात्र बार-बार प्रयास करता है और सफल होता है, तो डोनाल्ड हेब के 'हेब्बियन लर्निंग' सिद्धांत ('Neurons that fire together, wire together') के अनुसार बार-बार उद्दीपन-अनुक्रिया (S-R) के बीच सिनैप्टिक कनेक्शन मजबूत होते हैं। आधुनिक समावेशी शिक्षा में, इस न्यूरो-संज्ञानात्मक समझ का उपयोग 'पुनरावृत्ति और अभ्यास शिक्षाशास्त्र' (Drill and Practice Pedagogy) को डिजाइन करने में किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों में बुनियादी कौशल, आदतों और संवेदी-प्रेरक दक्षता का स्वचालन और स्थायित्व प्रभावी ढंग से प्राप्त होता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) तथा 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area - भाषा उत्पादन), 'वर्निकी क्षेत्र' (Wernicke's Area - भाषा बोध), और 'आर्कुएट फेसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच तंत्रिका एकीकरण, सहज व्याकरणिक प्रसंस्करण, और सिंटैक्साइटिस (Syntactic Analysis) की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे और लेव वायगोत्स्की के भाषा एवं विचार संबंधी दृष्टिकोणों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लिंग्विस्टिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Linguistic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहज भाषा दक्षता, बहुभाषी क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage: लगभग 2 से 7 वर्ष) की प्रमुख विशेषताओं और सीमाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालक 'जीववाद' (Animism) का प्रदर्शन करता है, जिसके तहत वह निर्जीव वस्तुओं को भी सजीव मानकर उनमें मानवीय भावनाएं और चेतना का आरोपण करता है।
2. बालक में 'अकेन्द्रीयकरण' (Decentration) की पूर्ण क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह किसी भी वस्तु या समस्या को एक ही समय में एक से अधिक आयामों या दृष्टिकोणों से देखने में सक्षम होता है।
3. इस चरण में बालकों की सोच में 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) पाई जाती है, अर्थात वे मानसिक रूप से किसी प्रक्रिया या क्रिया को उल्टा (Reverse) करके उसकी मूल स्थिति में वापस लाने में असमर्थ होते हैं।
4. इस अवस्था की एक अन्य मुख्य सीमा 'अहंकेन्द्रित सोच' (Egocentrism) है, जिसके कारण बालक यह मानता है कि दूसरे लोग भी दुनिया को ठीक उसी तरह देखते, महसूस करते और सोचते हैं जैसा कि वह स्वयं देखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश के लोकगीतों और उनकी गायन शैलियों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. कजरी - मिर्जापुर और वाराणसी - यह मुख्य रूप से वर्षा ऋतु (सावन के महीने) में गाया जाने वाला एक पारंपरिक लोकगीत है, जिसमें राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंगों और प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन होता है।
2. आल्हा - बुंदेलखंड क्षेत्र - यह वीर रस से भरपूर एक प्रसिद्ध लोकगाथा गीत है, जो आल्हा और ऊदल नामक दो महान योद्धाओं की वीरता और लड़ाइयों का वर्णन करता है, और इसे मुख्य रूप से वर्षा ऋतु में गाया जाता है।
3. रसिया - ब्रज क्षेत्र - यह होली और फाल्गुन के महीनों में भगवान कृष्ण और गोपियों की लीलाओं के आधार पर गाया जाने वाला लोकगीत है, जो मुख्य रूप से मयूर नृत्य और चरकुला नृत्य के साथ प्रस्तुत किया जाता है।
4. चैती - गोरखपुर और देवरिया - यह चैत्र मास में गाया जाने वाला एक प्रेम प्रधान लोकगीत है, जिसे मुख्य रूप से विवाह समारोहों के दौरान दुल्हे की विदाई और स्वागत के समय गाया जाता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'नवाबगंज पक्षी विहार' (जिसे आधिकारिक रूप से चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार के नाम से जाना जाता है) उत्तर प्रदेश का सबसे पहला (सबसे पुराना) पक्षी विहार है, जो उन्नाव जिले में स्थित है।
2. 'ओखला पक्षी विहार' गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) जिलों की सीमा पर यमुना नदी के तट पर स्थित है, जो प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख आश्रय स्थल है।
3. 'बखिरा पक्षी विहार' बलिया जिले में स्थित है, जो उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा पक्षी विहार है और यहाँ मुख्य रूप से साइबेरियन क्रेन संरक्षण पर ध्यान दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं शिक्षण विधि' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Moral Development Theory: पूर्व-पारंपरिक, पारंपरिक और उत्तर-पारंपरिक स्तर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (VMPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'अमिकडाला' (Amygdala) के बीच सामाजिक-नैतिक निर्णय लेने, सहानुभूतिपूर्ण अनुक्रिया, और नैतिक दुविधाओं के प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'देखभाल के नैतिकता दृष्टिकोण' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मॉरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Moral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में न्यायपरक तर्क, पारस्परिक सहानुभूति व समग्र नैतिक चरित्र के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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