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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और एडीएचडी (ADHD - अवधान न्यूनता अतिसक्रियता विकार)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, रसेल बार्कले (Russell Barkley) के 'एक्सेक्यूटिव फंक्शन्स एंड सेल्फ-रेगुलेशन मॉडल' के अंतर्गत मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN) और 'टास्क-पॉजिटिव नेटवर्क' (TPN) के बीच स्विचिंग विसंगति, 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'स्ट्रिएटम' (Striatum) और 'सेरेबेलम' (Cerebellum) के बीच डोपामाइन व नॉरएड्रेनालाईन न्यूरोट्रांसमीटर असंतुलन, कार्यशील स्मृति व अवरोधक नियंत्रण (Inhibitory Control) की सक्रियण गतिकी, तथा आधुनिक न्यूरोसाइंस के 'ड्युअल पाथवे मॉडल' (इनहिबिटरी डिफिसिट और डिले एवर्जन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, कॉग्निटिव-बिहेवियरल मॉडिफाइड कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Cognitive-Behavioral Modified Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, आवेग नियंत्रण व समग्र कार्यात्मक ध्यान के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
रसेल बार्कले (Russell Barkley) के कार्यकारी कार्यप्रणाली और आत्म-नियमन मॉडल के अनुसार, एडीएचडी मुख्य रूप से मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स, बेसल गैन्ग्लिया (स्ट्रिएटम) और संबंधित सर्किटों में न्यूरोट्रांसमीटर (विशेषकर डोपामाइन) की कमी के कारण होता है। यह अवरोधक नियंत्रण (Inhibitory Control), कार्यशील स्मृति और संवेगात्मक आत्म-नियमन को प्रभावित करता है। प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में ऐसे विद्यार्थियों के लिए संरचित, अल्पकालिक और बहुसंवेदी रचनावादी शिक्षण रणनीतियाँ बेहद प्रभावी होती हैं।
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बच्चों में नैतिक विकास (Moral Development) के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के सिद्धांत की विभिन्न अवस्थाओं और स्तरों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Morality Level) के अंतर्गत आने वाले चौथे चरण (चरण 4 - कानून और व्यवस्था अभिविन्यास) में व्यक्ति का नैतिक तर्क सामाजिक नियमों, कानून के पालन और समाज में व्यवस्था बनाए रखने के कर्तव्य पर आधारित होता है।
2. 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Post-conventional Morality Level) के छठे चरण (चरण 6 - सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) में व्यक्ति बाहरी नियमों या कानूनों से परे, अपने स्वयं के अंतःकरण (Conscience) और सार्वभौमिक न्याय, मानवाधिकारों और समानता के आंतरिक सिद्धांतों के आधार पर निर्णय लेता है।
3. कोहलबर्ग के अनुसार, नैतिक विकास के सभी स्तर और चरण एक निश्चित और सार्वभौमिक क्रम में आगे बढ़ते हैं, और कोई भी व्यक्ति किसी पूर्ववर्ती चरण को छोड़े बिना क्रमबद्ध रूप से ही आगे की अवस्थाओं में विकसित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा और विचार' (Language and Thought) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'आंतरिक वाक्' (Inner Speech) और बाह्य वाक् के विकास के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area), और 'आर्क्युएट फेसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच ध्वन्यात्मक डिकोडिंग, सिंटैक्टिक एकीकरण, और स्व-नियमन (Self-Regulation) की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लिंग्विस्टिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Linguistic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक ढांचागत समर्थन (Scaffolding), मौखिक मध्यस्थता (Verbal Mediation) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समाजीकरण की प्रक्रिया (Process of Socialization)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉर्ज हर्बर्ट मीड (George Herbert Mead) द्वारा प्रतिपादित 'स्वयं का विकास सिद्धांत' (Theory of Self: 'I' और 'Me' की अवधारणा) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्कास' (STS), और 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System - MNS) के बीच सामाजिक परिप्रेक्ष्य ग्रहण (Social Perspective Taking), मानसिकीकरण (Theory of Mind), और आत्म-मूल्यांकन (Self-Evaluation) की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स कूले (Charles Cooley) के 'दर्पण आत्म-प्रतिबिंब सिद्धांत' (Looking-Glass Self) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सोशियो-इमोशनल कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Socio-Emotional Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामाजिक भूमिका ग्रहण, तदानुभूति (Empathy) व समग्र नागरिक-सांस्कृतिक विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक ई.पी. टॉरेंस (E.P. Torrance) द्वारा विकसित 'टॉरेंस टेस्ट्स ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग' (Torrance Tests of Creative Thinking - TTCT) के अंतर्गत, सृजनात्मक सोच के मूल्यांकन में शामिल घटकों में से 'मौलिकता' (Originality) को मापने का सबसे सटीक मनोवैज्ञानिक पैमाना निम्नलिखित में से किसे माना जाता है?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, प्रमुख वन्यजीव विहारों और उनकी स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार - चंदौली (स्थापना: 1957)
2. हस्तिनापुर वन्यजीव विहार - मेरठ, मुजफ्फरपुर और बिजनौर (स्थापना: 1986)
3. कछुआ वन्यजीव विहार - वाराणसी (स्थापना: 1989)
4. सुहेलदेव वन्यजीव विहार - बहराइच और श्रावस्ती (स्थापना: 1988)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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