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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिकी, अंतर्व्यक्तिगत, अंतravýaktiगत और प्रकृतिवादी बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटल लोब', 'ऑक्सीपिटल लोब', 'टेम्पोरल लोब' और 'सेरिबैलम' के बीच विशिष्ट संज्ञानात्मक डोमेन मॉड्यूलरिटी (Cognitive Domain Modularity), क्रॉस-मॉडेल इंटिग्रेशन, और कार्यकारी नियंत्रण (Executive Control) की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'बुद्धि के त्रитаंत्रिक सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence: विश्लेषणात्मक, रचनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, डिफरेंशिएटेड पेडागोजी (Differentiated Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी क्षमताओं, व्यक्तिगत भिन्नताओं के अनुकूल शिक्षण व समग्र बौद्धिक विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हावर्ड गार्डनर का बहु-बुद्धि सिद्धांत मस्तिष्क की मॉड्यूलर प्रकृति को रेखांकित करता है, जिसके तहत विभिन्न प्रकार की बुद्धियाँ (जैसे अंतर्व्यक्तिगत, स्थानिक, आदि) विशिष्ट न्यूरल सर्किट्स (जैसे vmPFC, अमिकडाला, टेम्पोरल लोब) से जुड़ी होती हैं। रॉबर्ट स्टर्नबर्ग का त्रितांत्रिक सिद्धांत (विश्लेषणात्मक, रचनात्मक, व्यावहारिक) इसके साथ मिलकर कक्षा में विभेदित शिक्षण (Differentiated Pedagogy) की वकालत करता है, जिससे प्रत्येक छात्र की अनूठी ताकतों का विकास किया जा सके।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र' के अंतर्गत 'लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, कोहलबर्ग द्वारा प्रतिपादित नैतिक विकास के तीन प्रमुख स्तरों और उनके अंतर्गत छह अवस्थाओं में से 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाली दोनों अवस्थाओं—अर्थात 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—की दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक एवं तार्किक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा (Motivation)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक, सुरक्षा, सामाजिक, सम्मान, और आत्म-सिद्धि की आवश्यकताएं) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System), 'वेंट्रल टेग्मेंटल एरिया' (VTA), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच होमियोस्टैटिक नियमन (Homeostatic Regulation), आंतरिक-बाहरी प्रेरणा एकीकरण (Intrinsic-Extrinsic Motivation Integration), और लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड मैक्लेलैंड (David McClelland) के 'आवश्यकता सिद्धांत' (Achievement, Affiliation, and Power Needs) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'मोटिवेशनल-ड्रिवेन एंगेजमेंट पेडागोजी' (Motivational-Driven Engagement Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय अधिगम आकांक्षा, भावनात्मक सुरक्षा व समग्र मनोवैज्ञानिक कल्याण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रयान (Richard Ryan) के 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory - SDT: स्वायत्तता, सक्षमता, और संबद्धता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रिगोमीडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'न्यूक्लियस एकुम्बेंस' (Nucleus Accumbens), और 'इंसुलर कॉर्टेक्स' (Insular Cortex) के बीच आंतरिक पुरस्कार प्रसंस्करण (Intrinsic Reward Processing), भावनात्मक नियमन (Emotional Regulation), और होमियोस्टैटिक ड्राइव की सक्रियण गतिकी, तथा विक्टर व्रूम (Victor Vroom) के 'प्रत्याशा सिद्धांत' (Expectancy Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, ऑटोनॉमी-सपोर्टिव पेडागोजी (Autonomy-Supportive Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा, लक्षित व्यवहार व समग्र मानसिक कल्याण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning) और मानसिक अनुशासन के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नकाइंड (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप और मस्तिष्क के 'विजुअल कॉर्टेक्स' तथा 'मोटर कॉर्टेक्स' की पूर्व-प्रशिक्षित कौशलों के अनुप्रयोग के दौरान होने वाली तंत्रिका-मार्गी (Neural Pathway) सक्रियण प्रक्रिया, तथा चार्ल्स जुड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के अंतर्गत 'सिद्धांतों के स्थानांतरण' और वैचारिक अमूर्तन के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के पारिस्थिकी अंतरण और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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समावेशी कक्षा कक्ष (Inclusive Classroom) में विभिन्न अधिगम शैलियों वाले बालकों और विशिष्ट आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की शिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की अवधारणा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विभेदीकृत अनुदेशन का तात्पर्य यह है कि शिक्षक एक ही पाठ योजना को बिना किसी परिवर्तन के पूरी कक्षा पर समान रूप से लागू करे, ताकि सभी विद्यार्थियों को बिना किसी भेदभाव के एक ही प्रकार की शिक्षण सामग्री प्राप्त हो सके।
2. इसके अंतर्गत शिक्षक विद्यार्थियों की वर्तमान क्षमताओं, रुचियों और तत्परता स्तर के आधार पर विषयवस्तु (Content), प्रक्रिया (Process), उत्पाद (Product) और सीखने के पर्यावरणीय परिवेश में लचीलापन और संशोधन करते हैं।
3. यह दृष्टिकोण जॉन डेवी के 'करके सीखने' (Learning by Doing) और प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के सिद्धांतों पर आधारित है, जो प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) का सम्मान करते हुए उनकी अद्वितीय क्षमता का विकास करने पर बल देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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