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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सिद्धांत और पावलव का शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, इवान पावलव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत' (Classical Conditioning: यूसीएस, सीएस, यूसीआर, और सीआर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिकडाला' (Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'सेरिबैलम' (Cerebellum) के बीच भय और संवेगात्मक अनुबंधन (Emotional Conditioning), सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity), और संवेदी-मोटर समेकन की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन वाटसन (John B. Watson) के 'व्यवहारवाद और भावनात्मक कंडीशनिंग (Little Albert Experiment)' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, एंग्जायटी-रिड्यूसिंग बिहेवियरल पेडागोजी (Anxiety-Reducing Behavioral Pedagogy) और विद्यार्थियों में भय उन्मूलन (Extinction), अनुकूलित अनुक्रिया नियंत्रण व समग्र संवेगात्मक कल्याण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक विश्लेषण के अनुसार, जब कोई अनकंडीशंड स्टीमुलस (UCS) कंडीशंड स्टीमुलस (CS) के साथ बार-बार सह-संबद्ध होता है, तो मस्तिष्क के 'अमिकडाला' (जो संवेगात्मक और भय स्मृतियों के लिए जिम्मेदार है) और 'हिप्पोकैम्पस' (संदर्भगत स्मृति के लिए) के बीच एक मजबूत न्यूरल पाथवे बनता है। आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में इस सिद्धांत का उपयोग बच्चों में परीक्षा के प्रति भय या चिंता (Test Anxiety) को दूर करने और सकारात्मक अनुभूतियों को जोड़ने (Counter-conditioning) के लिए किया जाता है। अतः विकल्प (A) इस न्यूरो-बायोलॉजिकल और शैक्षणिक परिप्रेक्ष्य की सबसे सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या करता है।
Related Questions
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बच्चों के नैतिक विकास (Moral Development) के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलबर्ग के चरणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Level) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास में व्यक्ति यह मानता है कि नियम सामाजिक कल्याण के लिए लचीले समझौते हैं और यदि कोई कानून मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है, तो उसे बदला जाना चाहिए।
2. 'रूढ़िगत स्तर' (Conventional Level) के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation) में बच्चा दूसरों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और समाज द्वारा स्वीकृत 'अच्छा' कहलाने की इच्छा से प्रेरित होकर नैतिक निर्णय लेता है।
3. कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास का 'पूर्व-रूढ़िगत स्तर' (Pre-conventional Level) लगभग 10 से 13 वर्ष की उम्र के बाद शुरू होता है, जहाँ बालक सामाजिक व्यवस्था के प्रति पूर्ण निष्ठा रखते हुए देश के कानूनों और नियमों का पालन करना अपना सर्वोच्च नैतिक कर्तव्य मानता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Stages of Moral Development) की किस अवस्था या स्तर के अंतर्गत बालक यह मानता है कि नियमों का पालन इसलिए किया जाना चाहिए ताकि समाज में व्यवस्था बनी रहे, सामाजिक अनुबंध सुरक्षित रहें और अधिकार तथा कर्तव्य का ठीक प्रकार से निर्वाह हो सके?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थार्नकिड (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी, न्यूरल पाथवे रीशेपिंग, और पूर्व-अधिगम ज्ञान के संदर्भ में नए परिवेश में कौशल हस्तांतरण की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जुड (Charles Judd) के 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ट्रांसफर ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Transfer Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में वैचारिक अमूर्तन (Conceptual Abstraction), समस्या-समाधान अनुकूलन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरटीई अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है, जिसमें गंभीर और बहु-विकलांगता (Severe and Multiple Disabilities) से ग्रसित बच्चों को घर आधारित शिक्षा (Home-based Education) प्रदान करने का विशेष प्रावधान भी शामिल है।
2. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF, 2005) 'समावेशी शिक्षा' की वकालत करती है जिसके अनुसार विशेष बच्चों के लिए अलग से विशेष विद्यालयों (Special Schools) की स्थापना करना ही प्राथमिक और अनिवार्य शर्त है ताकि सामान्य विद्यालय मुख्यधारा के शिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
3. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य और विशेष आवश्यकता वाले बालकों को एक ही छत के नीचे एक साथ बिना किसी भेदभाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, जिससे 'अधिगम की सार्वभौमिक रूपरेखा' (Universal Design for Learning - UDL) को बढ़ावा मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धिमत्ता के आधुनिक सूचना प्रक्रमण सिद्धांतों (Information Processing Theories of Intelligence)' के संदर्भ में, रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धिमत्ता का त्रिआयामी/त्रितंत्र मॉडल' (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत 'घटकीय या विश्लेषणात्मक बुद्धिमत्ता' (Componential/Analytical Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe) और 'अंसुलेट गाइरस' (Angular Gyrus) के बीच कार्यकारी नियंत्रण (Executive Control), अमूर्त तर्क और तार्किक समस्याओं के समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के चरणों' (विशेषकर मूर्त एवं औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान आधारित शिक्षाशास्त्र (Problem-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, आलोचनात्मक चिंतन व तार्किक क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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