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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा (Inclusive Education)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, रॉबर्ट स्लेटाविन (Robert Slavin) और जॉन बिग्स (John Biggs) द्वारा प्रतिपादित 'सहकारी अधिगम' (Cooperative Learning - STAD और Jigsaw मॉडल) तथा 'रचनात्मक सह-नियोजन' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), और 'सुपरियर टेम्पोरल सल्कुस' (Superior Temporal Sulcus) के बीच सामाजिक संज्ञान एकीकरण (Social Cognition Integration), अंतर्वैयक्तिक समन्वय (Interpersonal Coordination), और दृष्टिकोण लेने की क्षमता (Perspective Taking) की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'सामाजिक निर्माणवाद' (Social Constructivism) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इकोसिस्टमिक कोऑपरेटिव पेडागोजी' (Neuro-Ecosystemic Cooperative Pedagogy) और विद्यार्थियों में साथियों के बीच पारस्परिक सहायता, सहानुभूतिपूर्ण सहभागिता व समग्र सामाजिक-संवेगात्मक विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत 'समावेशी शिक्षा' और 'सहकारी अधिगम' के न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण पर आधारित है। रॉबर्ट स्लेटाविन और जॉन बिग्स द्वारा प्रतिपादित सहकारी अधिगम (जैसे STAD और Jigsaw मॉडल) केवल शैक्षणिक दृष्टिकोण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क के 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम', 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), और 'सुपरियर टेम्पोरल सल्कुस' को सक्रिय करता है। ये तंत्रिका नेटवर्क सामाजिक संज्ञान, सहानुभूति, और अन्य दृष्टिकोणों को समझने (Perspective Taking) में मदद करते हैं। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में यह 'न्यूरो-इकोसिस्टमिक कोऑपरेटिव पेडागोजी' के रूप में कार्य करता है, जो विविध क्षमताओं वाले विद्यार्थियों में पारस्परिक सहायता और समग्र सामाजिक-संवेगात्मक विकास को बढ़ावा देता है। अतः विकल्प (a) पूर्णतः सत्य और सर्वाधिक उपयुक्त है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के गेस्टाल्टवादी सिद्धांत' (Gestalt Theory of Learning) के संदर्भ में, मैक्स वर्दइमर (Max Wertheimer), वोल्फगांग कोहलर (Wolfgang Köhler), और कुर्त कोफ्का (Kurt Koffka) द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के अंतर्गत 'सम्पूर्णता का नियम' (Law of Good Gestalt), 'अकास्मिक समाधान' (Aha! Experience), और 'संज्ञानात्मक पुनर्रचना' (Cognitive Restructuring) के वैज्ञानिक स्वरूप तथा एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के साथ उनके तुलनात्मक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की मूल अवधारणा को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भूगर्भीय संरचना और खनिज संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी और पहाड़ी क्षेत्र वास्तव में प्राचीन प्रायद्वीपीय भारत के गोंडवाना लैंड का ही उत्तरी विस्तार है, जिसके अंतर्गत झाँसी, महोबा, ललितपुर और सोनभद्र के कुछ हिस्से आते हैं, और यहाँ मुख्य रूप से नीस, ग्रेनाइट और विंध्यन क्रम की चट्टानें पाई जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में पाए जाने वाले 'डोलराइट' और 'पाइरोफिलाइट' खनिज मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, सिरेमिक और कीमती पत्थरों के रूप में उपयोग किए जाते हैं, तथा राज्य में 'डाइस्पोर' का एकमात्र प्रमुख उत्पादक जिला ललितपुर है।
3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र की मृदा में नाइट्रोजन और ह्यूमस की अधिकता तथा फास्फोरस की भारी कमी पाई जाती है, जिसके कारण यह क्षेत्र धान और गन्ने की बंपर पैदावार के लिए देश भर में जाना जाता है, जबकि यहाँ की मृदा का पीएच मान अत्यधिक क्षारीय होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत, 'रचना की दृष्टि से वाक्य के भेद' और 'अर्थ की दृष्टि से वाक्य के भेद' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रचना के आधार पर वाक्य के तीन प्रमुख भेद होते हैं - सरल वाक्य, मिश्र वाक्य और संयुक्त वाक्य। 2. अर्थ के आधार पर वाक्य के कुल छह भेद होते हैं जिनमें विधानवाचक, निषेधवाचक, आज्ञावाचक, प्रश्नवाचक, इच्छावाचक और विस्मयबोधक शामिल हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के मनोवैज्ञानिक और संरचनात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित 'मनोविश्लेषण सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत 'इड' (Id - आनंद सिद्धांत पर आधारित अचेतन मन), 'इगो' (Ego - वास्तविकता सिद्धांत पर आधारित मध्यस्थ मन), और 'सुपरइगो' (Super-ego - नैतिक आदर्शवादी मन) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) द्वारा प्रतिपादित 'विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान' (Analytical Psychology) के अंतर्गत 'व्यक्तिगत अचेतन' (Personal Unconscious) और 'सामूहिक अचेतन' (Collective Unconscious) में निहित 'मूलरूपों' (Archetypes जैसे परसोना, एनिमा/एनिमस और शैडो) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, भावनात्मक नियमन (Emotional Regulation) और विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता व नैतिक विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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