BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
32 views

भारतीय संविधान में 'संशोधन' (Amendment) की प्रक्रिया किस अनुच्छेद में है?

Detailed Explanation

अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संसद को संविधान में संशोधन करने की शक्ति प्राप्त है (दक्षिण अफ्रीका से लिया गया)।
Share:

Related Questions

→ भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 243G के तहत पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने तथा उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसके अंतर्गत ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध कुल 29 विषयों पर कानून बनाने की पूर्ण और अनन्य विधायी शक्ति प्रत्येक राज्य के विधानमंडल द्वारा पंचायतों को अनिवार्य रूप से हस्तांतरित की जानी होती है। 2. 73वें संविधान संशोधन के अनुसार सभी स्तरों पर पंचायतों की अवधि (कार्यकाल) 5 वर्ष निर्धारित की गई है, और यदि किसी कारणवश पंचायत का विघटन समय से पूर्व हो जाता है, तो विघटन की तिथि से छह मास की अवधि के भीतर नए चुनावों का आयोजन किया जाना अनिवार्य है, सिवाय उस स्थिति के जब शेष कार्यकाल छह महीने से कम का बचा हो। 3. राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) का गठन संविधान के अनुच्छेद 243I के तहत प्रत्येक राज्य के राज्यपाल द्वारा हर पांच वर्ष की समाप्ति पर किया जाता है, और यह आयोग पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने के साथ-साथ राज्य की संचित निधि से पंचायतों को दिए जाने वाले अनुदानों के वितरण के संबंध में राज्यपाल को अपनी संस्तुतियां प्रस्तुत करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) तथा चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और ऐसे अन्य निर्वाचन आयुक्तों, यदि कोई हों, की नियुक्ति का प्रावधान है, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा संसद द्वारा बनाई गई विधियों के अधीन नियुक्त किया जाता है। 2. वर्ष 1993 में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के पश्चात् निर्वाचन आयोग को एक बहु-सदस्यीय निकाय बना दिया गया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो अन्य निर्वाचन आयुक्त शामिल हैं, और निर्णय लेते समय यदि मतों में भिन्नता हो, तो बहुमत का नियम लागू होता है जिसमें तीनों सदस्यों की शक्तियाँ और वेतन-भत्ते समान होते हैं। 3. 'दिनेश गोस्वामी समिति' (1990) का संबंध चुनाव सुधारों से था, जिसने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति के संबंध में कॉलेजियम प्रणाली की सिफारिश की थी तथा सरकारी धन या वाहनों के दुरुपयोग पर रोक लगाने की बात कही थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति की समाधान शक्तियों (अनुच्छेद 72) और कूटनीतिक तथा सैन्य शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को सैन्य न्यायालय (Court Martial) द्वारा दिए गए दंड के विरुद्ध भी क्षमादान देने की पूर्ण संवैधानिक शक्ति प्राप्त है, और इस शक्ति का प्रयोग करते समय राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह मानने के लिए पूर्णतः बाध्य होता है, भले ही दया याचिका पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया हो। 2. राज्यपाल की क्षमादान शक्ति (अनुच्छेद 161) की तुलना में राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति का दायरा अधिक विस्तृत है, क्योंकि राष्ट्रपति मृत्युदंड (Death Sentence) को पूरी तरह से क्षमा कर सकता है तथा सैन्य न्यायालयों के दंड के मामलों में भी हस्तक्षेप कर सकता है, जबकि राज्यपाल को मृत्युदंड को क्षमा करने और सैन्य न्यायालय के निर्णय पर निर्णय लेने की शक्ति प्राप्त नहीं है। 3. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति एक न्यायिक शक्ति न होकर कार्यपालिका की विवेकपूर्ण शक्ति का हिस्सा है, और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका के निपटान में अत्यधिक देरी किए जाने पर कैदी की मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारत का संविधान कैसा है? → विश्व डायबिटीज (मधुमेह) दिवस कब मनाया जाता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.