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Indian Polity
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भारतीय संसद के 'संयुक्त अधिवेशन' (Joint Session) की अध्यक्षता कौन करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत संयुक्त अधिवेशन राष्ट्रपति बुलाता है, लेकिन इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं।
Related Questions
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों और अधीनस्थ न्यायालयों की संरचना, क्षेत्राधिकार तथा उनकी स्वतंत्रता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 216 के अनुसार प्रत्येक उच्च न्यायालय एक मुख्य न्यायमूर्ति और ऐसे अन्य न्यायाधीशों से मिलकर बनेगा जिन्हें राष्ट्रपति समय-समय पर नियुक्त करना आवश्यक समझे, तथा संविधान ने उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या निश्चित कर दी है जिसे संसद के विशेष बहुमत द्वारा ही बदला जा सकता है।
2. अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के अलावा किसी 'अन्य प्रयोजन' (जैसे सामान्य कानूनी अधिकारों के उल्लंघन) के लिए भी बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, अधिकार पृच्छा, उत्प्रेषण और प्रतिषेध रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और इस संदर्भ में उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार उच्चतम न्यायालय की तुलना में अधिक विस्तृत है।
3. जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति राज्यपाल द्वारा संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के पश्चात अनुच्छेद 233 के अंतर्गत की जाती है, जबकि न्यायिक सेवा के अन्य सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत केंद्र-राज्य विधायी संबंधों और अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति को अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, और यह परिषद् एक स्थायी वैधानिक निकाय (Statutory Body) है जिसका मुख्य कार्य राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों की जाँच करना और उन पर निर्णय देना है, जो सभी संबंधित राज्यों के लिए अंतिम और बाध्यकारी होते हैं।
2. अनुच्छेद 249 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी विषय पर कानून बनाए, तो संसद को उस विषय पर संपूर्ण देश या उसके किसी भाग के लिए विधि बनाने की शक्ति प्राप्त हो जाती है, तथा ऐसा संकल्प अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है।
3. अनुच्छेद 258A के अंतर्गत भारत का राष्ट्रपति, किसी राज्य की सरकार की सहमति से, उस राज्य को ऐसी कार्यकारी शक्तियाँ सौंप सकता है जो संघ की कार्यकारी शक्ति के अंतर्गत आती हैं, और इस प्रकार का प्रत्यायोजन (Delegation) संसद की किसी पूर्व अनुमति के बिना भी कार्यपालिका स्तर पर संभव है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग III (मूल अधिकार) के अंतर्गत प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों और उससे संबंधित न्यायिक दृष्टांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 25 के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को अंतःकरण की स्वतंत्रता और धर्म को अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार प्राप्त है, किंतु यह अधिकार लोक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य के अधीन है तथा इसमें किसी भी आर्थिक, वित्तीय, राजनैतिक या अन्य लौकिक क्रियाकलाप का विनियमन या निर्बंधन करने वाली विधि बनाने से राज्य को नहीं रोका गया है।
2. अनुच्छेद 26 के तहत प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय या उसके किसी अनुभाग को धार्मिक और दान प्रयोजनों के लिए संस्थाओं की स्थापना और पोषण करने का अधिकार है, तथा इस अनुच्छेद के अंतर्गत किसी धार्मिक संप्रदाय को अपनी स्वयं की संपत्ति का स्वामित्व और अर्जन करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है, जिस पर राज्य किसी भी प्रकार का सामाजिक कल्याण या सुधारवादी कानून लागू नहीं कर सकता है।
3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'शिरूर मठ वाद (1954)' में यह निर्धारित किया गया था कि अनुच्छेद 25 और 26 के अंतर्गत किसी धर्म के 'essential practices' (आवश्यक प्रथाओं) को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है, और कौन सी प्रथा किसी धर्म का अनिवार्य अंग है या नहीं, इसका निर्धारण न्यायपालिका द्वारा संबंधित धर्म के धार्मिक सिद्धांतों और परंपराओं के आधार पर किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद की संवैधानिक स्थिति, शक्तियों और सामूहिक उत्तरदायित्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 67 के अनुसार उपराष्ट्रपति को उसके पद से हटाने के लिए राज्य सभा द्वारा अपने तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित ऐसे प्रस्ताव द्वारा हटाया जा सकता है जिससे लोक सभा सहमत हो, किंतु इस प्रकार का कोई भी प्रस्ताव तब तक प्रस्तुत नहीं किया जा सकता जब तक कि उस प्रस्ताव को प्रस्तुत करने के कम से कम चौदह दिन पूर्व की लिखित सूचना न दी गई हो।
2. संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं, जिसका अर्थ यह है कि राष्ट्रपति किसी भी मंत्री को प्रधानमंत्री की सलाह के बिना भी व्यक्तिगत रूप से बर्खास्त कर सकता है, क्योंकि यह राष्ट्रपति की एक पूर्ण और अनियंत्रित विवेकीय शक्ति है।
3. राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (Cabinet Committee on Security - CCS) सहित सभी मंत्रिमंडलीय समितियों का गठन प्रधानमंत्री द्वारा किया जाता है, और ये समितियाँ न केवल नीतिगत मामलों पर विचार करती हैं बल्कि आवश्यक होने पर मंत्रिमंडलीय निर्णयों को संशोधित या उनका पुनरावलोकन भी कर सकती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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राष्ट्रपति किस अनुच्छेद के तहत क्षमादान देते हैं?
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