BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
18 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षण' (Inclusive Education) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'अधिगम अक्षमता - डिसग्राफिया' (Dysgraphia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएँ हेमिस्फेयर के सुपीरियर पैरिएटल लोब' (Superior Parietal Lobe), 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus - Broca's area), और 'सेरिबैलम' (Cerebellum) के बीच visuomotor integration deficits, fine motor coordination disruption, और graphemic motor planning failures की सक्रियण गतिकी, तथा वर्जीनिया बर्बर (Virginia Berninger) के 'ऑर्थोग्राफिक-मोटर इंटीग्रेशन मॉडल' (Orthographic-Motor Integration Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसग्राफिया ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Dysgraphia Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी लेखन हस्तक्षेप (Multisensory Writing Intervention), कीनेस्थेटिक अनुकूली रणनीतियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

यह प्रश्न 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल और संज्ञानात्मक पहलुओं पर आधारित है। डिसग्राफिया एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता है जो लिखित अभिव्यक्ति को प्रभावित करती है। न्यूरोलॉजिकल स्तर पर, यह सुपीरियर पैरिएटल लोब (स्थानिक और दृश्य-स्थानिक प्रसंस्करण), इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस (मोटर योजना), और सेरिबैलम (सूक्ष्म मोटर समन्वय) के बीच समन्वय की कमी (visuomotor integration deficits) से जुड़ी होती है। वर्जीनिया बर्बर का ऑर्थोग्राफिक-मोटर इंटीग्रेशन मॉडल यह समझाता है कि कैसे orthographic representations को motor execution में बदला जाता है। इसलिए, विकल्प (b) इस न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ और समावेशी शिक्षा में बहुसंवेदी हस्तक्षेप के दृष्टिकोण से सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
Share:

Related Questions

→ समाजीकरण का प्राथमिक कारक किसे माना जाता है? → पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण शास्त्र के अंतर्गत, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यचर्या को 'विषयों' (Themes) के आधार पर संरचित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प प्राथमिक स्तर पर EVS के छह मुख्य विषयों (Themes) में से एक नहीं है? → भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के गठन का प्रावधान किया गया है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Theories of Learning) के संदर्भ में, स्विस मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' की अंतिम अवस्था—'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage)—के दौरान बालकों में विकसित होने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी चिंतन' (Combinatorial Thinking) के वैज्ञानिक स्वरूप एवं उनकी मुख्य विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → उत्तर प्रदेश की मृदाओं, उनकी स्थानीय विशेषताओं और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी और बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'राँकर' मृदा मुख्य रूप से ढलान वाले और कंकरीले क्षेत्रों में मिलती है, जो अत्यधिक अपरदन के कारण कृषि के लिए कम उपजाऊ होती है। 2. 'मार' और 'काबर' मृदाओं में जल धारण करने की अद्भुत क्षमता होती है, जहाँ 'मार' एक चिकनी काली मिट्टी जैसी भारी मृदा है, जबकि 'काबर' हल्के भूरे रंग की चिकनी दोमट मिट्टी है। 3. उत्तर प्रदेश के तराई और भाबर क्षेत्रों में पाई जाने वाली मृदा में चूने और मैग्नीशियम की अधिकता होती है, जिसके कारण यह क्षेत्र अम्लीय प्रकृति का हो जाता है और यहाँ धान की खेती असंभव होती है। 4. उत्तर प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा राज्य को कुल नौ (9) कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की मृदा और जलवायु की विविधता को दर्शाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.