BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
17 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के सिद्धांत' (Theories of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिसंवेदी, स्थानिक, अंतर्व्यक्तिगत, अंतरावर्ती और प्रकृतिवादी बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ललाट और पार्श्व पालि' (Frontal and Parietal Lobes), 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe), और 'सेरिबैलम' (Cerebellum) के बीच मॉड्यूलर कॉर्टिकल एक्टिवेशन, विशिष्ट संज्ञानात्मक डोमेन प्रोसेसिंग, और तंत्रिका नेटवर्क स्वायत्तता की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'बुद्धि के त्रіपादीय सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence: विश्लेषणात्मक, रचनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत भिन्नताओं के सम्मान, बहुआयामी मूल्यांकन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

हॉवर्ड गार्डनर का बहु-बुद्धि सिद्धांत मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे भाषाई के लिए ब्रोका/वेर्निके, शारीरिक-गतिसंवेदी के लिए मोटर कॉर्टेक्स और सेरिबैलम) की मॉड्यूलर प्रकृति पर प्रकाश डालता है। रॉबर्ट स्टर्नबर्ग का त्रिपदीय सिद्धांत (विश्लेषणात्मक, रचनात्मक, व्यावहारिक) इसे संज्ञान और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों के साथ जोड़ता है। जब इन्हें 'P-FIT' (पैरिएटो-फ्रंटल इंटीग्रेशन थ्योरी) और आधुनिक न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी के साथ जोड़ा जाता है, तो यह शिक्षकों को प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में प्रत्येक बच्चे की अनूठी संज्ञानात्मक ताकतों और व्यक्तिगत भिन्नताओं को पहचानकर बहुआयामी शिक्षण और मूल्यांकन रणनीतियाँ अपनाने में सक्षम बनाता है।
Share:

Related Questions

→ उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक परिदृश्य के संदर्भ में, राज्य के किस जिले में 'कनक भवन' और 'त्रेता का ठाकुर' जैसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल स्थित हैं, जो भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थलों में गिने जाते हैं? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' की अवधि क्या है? → उत्तर प्रदेश के शास्त्रीय नृत्यों, लोक नृत्यों और संगीत घरानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'कथक' (Kathak) उत्तर प्रदेश का एकमात्र शास्त्रीय नृत्य है, जिसका उद्गम प्राचीन काल की कथा-वाचक परंपरा से माना जाता है, तथा इस नृत्य शैली के विकास में लखनऊ घराना और वाराणसी घराना अत्यधिक प्रसिद्ध हैं। 2. 'ख्याल गायकी' और 'ठुमरी' के प्रसिद्ध विकास के लिए जाने जाने वाले 'किराना घराना' का संबंध उत्तर प्रदेश के शामली जिले से है, जिसकी स्थापना मौहिद्दीन ख़ाँ और बन्दे अली ख़ाँ द्वारा की गई थी। 3. 'चरकुला नृत्य' उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र का एक प्रसिद्ध घड़ा नृत्य है, जिसमें महिलाएँ अपने सिर पर कई दीपकों से भरा हुआ रथ या पहिया (चक्र) रखकर राधा-कृष्ण की भक्ति में नृत्य करती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संरक्षण' (Conservation) का गुण बच्चे किस अवस्था में सीखते हैं? → उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु प्रदेशों और फसल वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान, वर्षा और मृदा की विविधता को दर्शाते हैं। 2. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली नवीन जलोढ़ मृदा को 'खादर' (Khadar) कहा जाता है, जो प्रतिवर्ष बाढ़ के निक्षेपों द्वारा नवीकृत होती है और इसमें पोटाश तथा चूने की अधिकता होती है, जबकि नाइट्रोजन की कमी पाई जाती है। 3. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'परवा' (Parwa) मृदा हल्की बलुई-दोमट प्रकार की मृदा होती है, जो मुख्य रूप से ढलान वाले क्षेत्रों में पाई जाती है और इसमें ज्वार, बाजरा तथा तिल की खेती की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.