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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा और विचार' (Language and Thought) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के भाषा विकास के सिद्धांतों के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area), और 'आर्क्युएट फैसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच ध्वन्यात्मक डिकोडिंग, सिमेंटिक प्रोसेसिंग, और सिंटेक्टिक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा नोआम चॉम्स्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अधिग्रहण यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) व 'सार्वव्यापक व्याकरण' (Universal Grammar) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लिंग्विस्टिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Linguistic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवादात्मक दक्षता, आंतरिक वाक् (Inner Speech) नियमन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

व्याख्या: न्यूरो-संज्ञानात्मक और विकासात्मक मनोविज्ञान के अनुसार, ब्रोका क्षेत्र (Broca's Area) भाषा के मोटर उत्पादन से और वेर्निके क्षेत्र (Wernicke's Area) भाषा की समझ से जुड़ा होता है, जो 'आर्क्युएट फैसिकुलस' तंत्रिका तंतुओं के माध्यम से जुड़े रहते हैं। जीन पियाजे के अनुसार विचार भाषा से पहले विकसित होते हैं (अहम केंद्रित भाषा), जबकि लेव वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार शुरुआत में स्वतंत्र होते हैं लेकिन बाद में सामाजिक अंतःक्रिया के माध्यम से 'आंतरिक वाक्' (Inner Speech) के रूप में आपस में मिल जाते हैं। नोआम चॉम्स्की का LAD जन्मजात सार्वभौमिक व्याकरण का समर्थन करता है। अतः विकल्प (b) इस जटिल अंतर्संबंध को सटीक रूप से वर्णित करता है।
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Related Questions

→ जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-संस्कृतिक सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे का मानना था कि विकास अधिगम से पहले होता है (अर्थात संज्ञानात्मक परिपक्वता नए सीखने के लिए मार्ग प्रशस्त करती है), जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार सामाजिक अधिगम विकास को आगे ले जाता है और भाषा संज्ञानात्मक विकास का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है। 2. पियाजे द्वारा वर्णित 'अहंद्क भाषा' (Egocentric Speech) वह भाषा है जिसे बालक दूसरों के साथ संवाद करने के लिए उपयोग करता है, जबकि वाइगोत्स्की द्वारा वर्णित 'निजी भाषा' (Private Speech) बालकों द्वारा खुद को विमर्शित करने और अपने व्यवहार को नियंत्रित करने का एक साधन है। 3. वाइगोत्स्की के सिद्धांत में 'मचान' (Scaffolding) उस अस्थायी समर्थन को संदर्भित करता है जो अधिक सक्षम अन्य (MKO) द्वारा बालक को उसकी समीपस्थ विकास के क्षेत्र (ZPD) के भीतर सीखने में सहायता के लिए प्रदान किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और उनकी स्थापना/अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का सबसे पहला वन्यजीव विहार 'चन्द्रप्रभा वन्यजीव विहार' है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में चंदौली जिले में की गई थी। 2. 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और अमरोहा जैसे कई जिलों में फैला हुआ है। 3. लाख बहोसी पक्षी विहार कन्नौज जिले में स्थित है और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार है। 4. राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव विहार मुख्य रूप से घड़ियाल (Gavial) के संरक्षण के लिए स्थापित किया गया है, जो आगरा, इटावा और औरैया जिलों से होकर बहने वाली चंबल नदी के क्षेत्र में विस्तृत है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक संदर्भ में 'महाजनपद काल' और वर्तमान प्रशासनिक भूगोल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राचीन काल के 'छःवीं शताब्दी ईसा पूर्व' (6th Century BCE) के 16 महाजनपदों में से वर्तमान उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में कुल 8 महाजनपद (जैसे- कुरु, पांचाल, शूरसेन, वत्स, मल्ल, काशी, कोशल और चेदि) स्थित थे, जो राज्य के प्राचीन ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं। 2. उत्तर प्रदेश का वर्तमान 'शूरसेन महाजनपद' क्षेत्र भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल के रूप में प्रसिद्ध था, और यहीं पर सम्राट अशोक ने प्रसिद्ध बौद्ध स्तूपों का निर्माण करवाया था। 3. प्राचीन 'वत्स महाजनपद' की राजधानी 'कौशांबी' थी, जो यमुना नदी के तट पर स्थित एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र था और यह बौद्ध तथा जैन धर्म दोनों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? → प्राचीन भारतीय इतिहास एवं उत्तर प्रदेश के पुरातत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में स्थित 'सराय नाहर राय' और 'मदहा' नामक पुरास्थल मध्य पाषाण काल (Mesolithic Period) से संबंधित हैं, जहाँ से मानवरहित समाधियों और बूचड़खाने-सह-नृत्य क्षेत्र (Butchering areas) के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। 2. उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में स्थित 'कोशाम्बी' पुरास्थल प्राचीन वत्स महाजनपद की राजधानी थी, जिसकी पहचान का श्रेय पुरातत्वविद् ए. कनिंघम को जाता है, और यहाँ से मिले अशोक के स्तंभ लेख पर रानी कार्वाकी का उल्लेख मिलता है जिसे 'रानी का अभिलेख' भी कहा जाता है। 3. उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित 'लहुरादेवा' पुरास्थल से भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीनतम कृषि साक्ष्य के रूप में चावल (धान) के प्रमाण मिले हैं, जिसकी प्राचीनता लगभग 7000 ईसा पूर्व से 8000 ईसा पूर्व के मध्य आंकी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → थॉर्नडाइक के सीखने के नियमों में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) का दूसरा नाम क्या है, तथा कक्षा शिक्षण में इसका सबसे महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक निहितार्थ (Psychological Implication) निम्नलिखित में से कौन सा है?
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