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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास और जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास की अवस्थाओं' (संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त-संक्रियात्मक और औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'पैराइटल लोब' (Parietal Lobe), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच स्कीमा निर्माण (Schema Formation), म्येलिनीकरण (Myelination), और तार्किक संरक्षण (Logical Conservation) की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक प्रतिनिधित्व के तीन मॉडलों' (एनएक्टिव, आइकॉनिक और सिम्बॉलिक प्रतिनिधित्व) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में खोजपूर्ण अधिगम (Discovery Learning), मूर्त से अमूर्त की ओर शिक्षण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत और जेरोम ब्रूनर के प्रतिनिधित्व के मॉडल (एनएक्टिव, आइकॉनिक, सिम्बॉलिक) का न्यूरो-संज्ञानात्मक विश्लेषण यह स्पष्ट करता है कि जैसे-जैसे बालक संवेदी-गामक अवस्था से मूर्त और औपचारिक संक्रियात्मक अवस्थाओं की ओर बढ़ता है, मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्र (विशेषकर हिप्पोकैम्पस और पैराइटल लोब) स्कीमा निर्माण, म्येलिनीकरण और संज्ञानात्मक संतुलन (Equilibration) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह अंतर्संबंध प्राथमिक और समावेशी कक्षाओं में बहुसंवेदी (Multisensory) और खोजपूर्ण अधिगम को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस न्यूरो-पैडागॉजिकल आधार प्रदान करता है। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत गृहों (Thermal Power Plants) और जलविद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश राज्य में ऊर्जा के उत्पादन और वितरण के लिए वर्ष 1999 में 'उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड' (UPPCL) का गठन किया गया था, और राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 'उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी' (UPNEDA) की स्थापना वर्ष 1983 में की गई थी।
2. 'हरदुगंज ताप विद्युत गृह' (Harduaganj Thermal Power Station) अलीगढ़ जिले में स्थित है, जो उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना ताप विद्युत गृह है और इसकी स्थापना सोवियत संघ (USSR) के सहयोग से की गई थी।
3. सोनभद्र जिले के ओबरा में स्थित 'ओबरा ताप विद्युत गृह' की स्थापना भी तत्कालीन सोवियत संघ के आर्थिक और तकनीकी सहयोग से की गई थी, जबकि इसी जिले में स्थित 'रिहंद ताप विद्युत परियोजना' नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) द्वारा संचालित है।
4. उत्तर प्रदेश की एकमात्र परमाणु ऊर्जा परियोजना 'नरोरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र' (NAPS) बुलंदशहर जिले में गंगा नदी के तट पर स्थित है, जिसकी दोनों इकाइयों ने व्यावसायिक उत्पादन 1990 के दशक में शुरू किया था और यह प्राकृतिक यूरेनियम-भारी पानी तकनीक पर आधारित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक पर्यटन स्थलों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'कनक भवन' (Kanak Bhawan) - अयोध्या जिला (यह भगवान श्री राम और माता सीता को समर्पित एक प्रमुख मंदिर है, जिसका निर्माण वास्तुकला की आधुनिक नागर शैली में हुआ है।)
2. 'काल्पी' (Kalpi) - जालौन जिला (यह नगर यमुना नदी के तट पर स्थित है और इसे प्राचीन काल में 'कालप्रियपुर' कहा जाता था, जो प्रसिद्ध संत एवं कवि बीरबल का जन्मస్థल है।)
3. 'देवा शरीफ' (Deva Sharif) - बाराबंकी जिला (यह सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ प्रतिवर्ष देवा मेला आयोजित किया जाता है।)
4. 'अखण्ड ज्योति मंदिर' - सीतापुर जिला (यह नैमिषारण्य तीर्थ क्षेत्र के समीप स्थित है।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-कौन से सही सुमेलित हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड टोलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत वर्णित 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) और 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) की संकल्पनाओं के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा वुल्फगैंग कोहलर (Wolfgang Köhler) द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के अंतर्गत 'गेस्टाल्ट' (Gestalt) दृष्टिकोण यानी 'संपूर्णता के प्रत्यक्षीकरण' (Perception of Whole) और 'सहसा मानसिक पुनर्गठन' (Sudden Cognitive Restructuring) की प्रक्रियों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समस्या-समाधान आधारित कक्षा-कक्ष शिक्षण और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय तार्किक क्षमताओं के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भू-आकृतिक विभाजनों और जल संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के उत्तर में स्थित 'भाबर' क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के गिद्ध पद पर सिंधु से लेकर तीस्ता नदी तक फैला हुआ एक संकीर्ण और पथरीला पेटी है, जहाँ नियाँ इतनी कंकरीली और छिद्रयुक्त होती हैं कि नदियाँ इस क्षेत्र में विलुप्त होकर भूमिगत हो जाती हैं।
2. 'तराई' क्षेत्र भाबर के ठीक दक्षिण में स्थित एक नम, दलदली और घने जंगलों से आच्छादित क्षेत्र है, जहाँ भूमिगत हुई नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होती हैं और इस क्षेत्र की मिट्टी में नमी व उपजाऊपन अधिक होने के कारण गन्ने और धान की बंपर खेती होती है।
3. उत्तर प्रदेश की सबसे लंबी नदी 'गंगा' राज्य में बिजनौर जिले से प्रवेश करती है और बलिया जिले से बाहर निकलकर बिहार में प्रवेश करती है, तथा गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी 'यमुना' है जो सहारनपुर के फैजपुर नामक स्थान से राज्य में प्रवेश करती है।
4. उत्तर प्रदेश के पठारी (बुंदेलखंड) क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ जैसे बेतवा, केन, चंबल और सोन उत्तर दिशा की ओर बहकर यमुना या सीधे गंगा में मिलती हैं, जिनमें 'सोन नदी' अमरकंटक की पहाड़ियों से निकलकर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से बहते हुए अंततः गंगा नदी में मिलती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश में 'पीतल नगरी' के नाम से प्रसिद्ध जिला कौन सा है?
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