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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विशिष्ट बालकों की शिक्षा एवं निर्देशन' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर' (ADHD) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'लोकस कोर्लियस' (Locus Coeruleus) के बीच डोपामाइनर्जिक हाइपोफंक्शन, कार्यकारी नियंत्रण विफलता (Executive Dysfunction), और आवेगी निरोधक (Impulse Inhibition) क्षरण की सक्रियण गतिकी, तथा रसेल बार्कले (Russell Barkley) के 'स्व-नियमन के कार्यकारी कार्य मॉडल' (Executive Function Model of Self-Regulation) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ADHD ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-ADHD Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संरचित दिनचर्या, टोकन इकोनॉमी (Token Economy) प्रणाली व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (b) है। ADHD (Attention Deficit Hyperactivity Disorder) एक न्यूरोडेलवेलपमेंटल विकार है जो मुख्य रूप से मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (जो कार्यकारी कार्यों जैसे योजना बनाना, ध्यान केंद्रित करना और आवेगों को नियंत्रित करना संभालता है) और बेसल गैंग्लिया (जो मोटर नियंत्रण और आवेग नियमन से जुड़े हैं) में डोपामाइन की कमी या असंतुलन से जुड़ा है। रसेल बार्कले के मॉडल के अनुसार, ADHD मुख्य रूप से स्व-नियमन और कार्यकारी कार्यों की विफलता है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में, न्यूरो-अनुकूलित शिक्षाशास्त्र (Neuro-ADHD Optimized Pedagogy) के तहत दृश्य संकेतों, संरचित दिनचर्या और सकारात्मक सुदृढ़ीकरण (जैसे टोकन इकोनॉमी) का उपयोग करके इन बच्चों में संज्ञानात्मक और संवेगात्मक दक्षता को सफलतापूर्वक संवर्धित किया जा सकता है।
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में 'क्षेत्र भ्रमण' (Field Trip) को एक अत्यंत प्रभावी शिक्षण पद्धति माना जाता है, क्योंकि यह विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करता है। प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन के अंतर्गत किसी ऐतिहासिक या प्राकृतिक स्थल के भ्रमण की योजना बनाते समय एक शिक्षक को निम्नलिखित में से किस pedagogical चरण को सबसे अधिक प्राथमिकता देनी चाहिए? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, अपवाह तंत्र और खनिज संपदा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्रायद्वीपीय पठार का उत्तर-पूर्वी विस्तार है, जिसके अंतर्गत ललितपुर, झाँसी, महोबा, बाँदा और सोनभद्र जिले आते हैं। इस क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी और काली प्रकृति की होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की अत्यधिक क्षमता होती है। 2. उत्तर प्रदेश में तांबा (Copper) का मुख्य भंडार ललितपुर जिले के सोनराई क्षेत्र में पाया जाता है, जबकि यूरेनियम के निक्षेप भी इसी जिले से प्राप्त होते हैं। 3. सोनभद्र जिले में रिहंद नदी पर बनाए गए गोविंद बल्लभ पंत सागर बांध के कारण यहाँ उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा कृत्रिम जलाशय निर्मित हुआ है, तथा इस जिले में चूना पत्थर, कोयला और नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'भाबर एवं तराई क्षेत्र' (Bhabhar and Terai Region) की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भाबर क्षेत्र शिवालिक हिमालय की तलहटी में पश्चिम में सहारनपुर से लेकर पूर्व में कुशीनगर तक एक संकीर्ण (8 से 10 किमी चौड़ी) पट्टी के रूप में फैला है, जहाँ नदियाँ भारी मात्रा में कंकड़, पत्थर और बोल्डर निक्षेपित करती हैं और स्वयं भूमिगत (Underground) हो जाती हैं। 2. भाबर पट्टी के ठीक दक्षिण में तराई क्षेत्र स्थित है, जहाँ भूमिगत हुई नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होती हैं, जिससे यह क्षेत्र अत्यधिक दलदली, नम और घने जंगलों तथा लम्बी घास से युक्त होता है। 3. तराई क्षेत्र में अत्यधिक नमी, उपजाऊ जलोढ़ मृदा और अनुकूल जलवायु के कारण गन्ने, धान और जूट की कृषि बड़े पैमाने पर की जाती है, और वर्तमान में इस क्षेत्र का अधिकांश भाग वनों को काटकर कृषि योग्य भूमि में परिवर्तित किया जा चुका है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theories of Personality) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हंस आइजेंक (Hans Eysenck) द्वारा प्रतिपादित 'त्रि-आयामी व्यक्तित्व मॉडल' (Three-Factor Model: साइकोटिकिज़्म, एक्स्ट्रावर्शन, और न्यूरोटिसिज़्म - PEN) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'असेंडिंग रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम' (ARAS), 'लिम्बिक सिस्टम' (विशेषकर अमीगडाला और हिप्पोकैम्पस), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच कॉर्टिकल एरोसल विनियमन, संवेगात्मक प्रतिक्रियाशीलता, और आवेग नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट मैक्रे और पॉल कोस्टा के 'बिग फाइव पर्सनालिटी ट्रेड्स' (Big Five Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पर्सनालिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Personality Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत संवेगात्मक नियमन, तनाव प्रबंधन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्कैल्कुलिया' (Dyscalculia - गणितीय और संख्यात्मक प्रसंस्करण अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'इंट्रापैरिएटल सल्カス' (Intraparietal Sulcus - IPS), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'वेंट्रल ऑसिपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स' के बीच संख्यात्मक परिमाण प्रसंस्करण (Numerical Magnitude Processing), स्थानिक-संख्यात्मक मानचित्रण (Spatial-Numerical Association), और कार्यशील स्मृति एकीकरण की सक्रियण विफलता तथा दोषपूर्ण तंत्रिका नेटवर्क (Neural Disconnectivity) की गतिकी, तथा चार्ल्स स्पीयरमैन और अन्य न्यूरोलॉजिकल शोधों के ऐतिहासिक प्रत्यय और आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्कैल्कुलिया ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' (Neuro-Dyscalculia Optimized Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी गणितीय रणनीतियों (Multisensory Numeracy Interventions), संख्या बोध (Number Sense) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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