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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा में विशिष्ट बालकों की पहचान और निर्देशन' (Identification and Guidance of Exceptional Children) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'एकाग्रता न्यूनता अतिसक्रियता विकार' (ADHD - Attention Deficit Hyperactivity Disorder) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'फ्रंटोपैराइटल अटेंशन नेटवर्क' (Frontoparietal Attention Network) के बीच कार्यकारी कार्यप्रणाली शिथिलता (Executive Dysfunction), नॉरएपिड्रेनलिन/डोपामाइन असंतुलन, और आवेग नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा राॅबर्ट गेने (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपान' (Conditions of Learning) सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-अटेंशन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Attention Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आत्म-नियमन (Self-Regulation), संरचनात्मक निर्देश (Structured Instruction) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एकाग्रता न्यूनता अतिसक्रियता विकार (ADHD) एक न्यूरोडेलवेपमेंटल डिसऑर्डर है जो मुख्य रूप से मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC) और 'बेसल गैंग्लिया' के बीच के सर्किट्स को प्रभावित करता है, जिससे कार्यकारी कार्यप्रणाली (Executive Functions), कार्यशील स्मृति (Working Memory), और आवेग नियंत्रण (Impulse Control) में बाधा आती है। आधुनिक समावेशी शिक्षा में, ऐसे विद्यार्थियों के लिए 'न्यूरो-अटेंशन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के तहत संरचित निर्देश (Structured Instruction), ब्रेक प्रबंधन, और आत्म-नियमन (Self-Regulation) तकनीकों का उपयोग किया जाता है ताकि वे सहयोगात्मक रूप से सीख सकें। अतः विकल्प (A) इस न्यूरो-संज्ञानात्मक और शैक्षणिक संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त और सत्य है।
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उत्तर प्रदेश की लोक कलाओं, शिल्पों और उनके विशिष्ट भौगोलिक उत्पादन (GI टैग प्राप्त क्षेत्रों) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. भदोही कालीन - भदोही और मिर्जापुर - यह अपनी उत्कृष्ट हाथ से बुनी गई ऊनी और रेशमी कालीनों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जिसे भौगोलिक संकेतक (GI टैग) प्राप्त है।
2. ताला उद्योग - अलीगढ़ - यह शहर देश भर में 'ताला नगरी' के रूप में विख्यात है, जहाँ पीतल और लोहे के ताले तथा ताला निर्माण से जुड़े हार्डवेयर का वृहद पैमाने पर उत्पादन होता है।
3. चिकनकारी कढ़ाई - लखनऊ - यह सफेद सूबारी धागों से मलमल या सूती कपड़ों पर की जाने वाली पारंपरिक हस्तकला है, जिसे मुगल काल में विशेष संरक्षण मिला था।
4. मुरादाबाद पीतल शिल्प - मुरादाबाद - इसे 'पीतल नगरी' कहा जाता है, जहाँ धातु पर की जाने वाली बारीक नक्काशी (उस्ता कला) और मीनाकारी के बर्तन व सजावटी वस्तुएं बनाई जाती हैं।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गैरी और अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार के न्यूरो-बायोलॉजिकल कारणों' (थकान, प्रेरणा की कमी, गलत शिक्षण विधियाँ और जटिलता स्तर में अचानक वृद्धि) तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स के कार्यकारी अतिभार' (Prefrontal Cortex Executive Overload - कार्यशील स्मृति की सीमा और संज्ञानात्मक थकान), 'लॉसस ऑफ़ डोपामिनर्जिक मोटिवेशनल ड्राइव' (Loss of Dopaminergic Motivational Drive - न्यूरोट्रांसमीटर थकावट और घटता सुदृढ़ीकरण), और 'हिप्पोकैम्पस में सिनेप्टिक समेकन की अड़चन' (Hippocampal Consolidation Bottleneck - सूचनाओं के दीर्घकालिक भंडारण में न्यूरोनल संतृप्ति) के बीच तंत्रिका नेटवर्क की शिथिलता, सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी की कमी, तथा न्यूरोनल समन्वय के अवरोध की सक्रियण गतिकी, तथा ब्रूनर के 'अधिगम के अन्वेषण मॉडल' (Discovery Learning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्लेटॉ ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' (Neuro-Plateau Optimized Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, संज्ञानात्मक विश्राम रणनीतियाँ व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक परिदृश्य के संदर्भ में, राज्य के किस जिले में स्थित 'बखिरा पक्षी विहार' (Bakhira Bird Sanctuary) को हाल ही में अंतरराष्ट्रीय महत्व की 'रामसर साइट' (Ramsar Site) के रूप में मान्यता दी गई है तथा यह वन्यजीव अभयारण्य किस प्रमुख प्राकृतिक झील के इर्द-गिर्द फैला हुआ है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय स्वरूप के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और बघेलखंड का भूभाग) प्रायद्वीपीय भारत के प्राचीनतम गोंडवाना लैंड का उत्तरी विस्तार है, जहाँ आर्कियन युग की नीस (Gneiss), ग्रेनाइट और विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थर (Sandstone) की चट्टानें पाई जाती हैं।
2. राज्य में बहने वाली 'बेतवा' और 'केन' नदियाँ दक्षिणी पठारी क्षेत्र से निकलकर उत्तर दिशा की ओर बहती हैं और यमुना नदी में मिलती हैं, तथा इस क्षेत्र में लाल एवं पैंडुवा (Parwa) मृदा की अधिकता पाई जाती है जो कृषि की दृष्टि से कम उपजाऊ होती है।
3. उत्तर प्रदेश के बिजनौर, सहारनपुर और लखीमपुर खीरी जिलों के उत्तरी छोर पर पाई जाने वाली 'भाबर एवं तराई' पेटी में नदियाँ अत्यधिक कंकड़-पत्थर और मोटे तलछट जमा करती हैं, जिससे तराई क्षेत्र में नदियाँ भूतल पर स्पष्ट रूप से बहती हैं और भाबर क्षेत्र में नदियाँ पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'शिक्षण अधिगम की व्यूهरचनाएँ और विधियाँ' के संदर्भ में, एडगर डेल (Edgar Dale) के 'अनुभव का शंकु' (Cone of Experience) मॉडल के अनुसार, अधिगम अनुभवों के पदानुक्रम में सबसे नीचे (शंकु के आधार पर) और सबसे ऊपर (शंकु के शीर्ष पर) क्रमशः निम्नलिखित में से कौन से दो अनुभव रखे गए हैं?
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