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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक और रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'संवेदी-प्रेरक मोटर कॉर्टेक्स' (Sensorimotor Cortex) के बीच न्यूरोनल प्लास्टिसिटी (Neuronal Plasticity), क्रॉस-कोर्टिकल सिंक्रनाइज़ेशन (Cross-cortical Synchronization), और स्कीमा समेकन की सक्रियण गतिकी, तथा गैने के 'अधिगम के पदानुक्रम' (Hierarchical Learning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ट्रांसफर ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Transfer Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में क्षैतिज व ऊर्ध्वाधर अधिगम अंतरण (Horizontal and Vertical Transfer), समस्या-समाधान क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के सिद्धांत और उसके न्यूरो-संज्ञानात्मक आधार पर आधारित है। एडवर्ड थॉर्नडाइक का 'समान तत्वों का सिद्धांत' यह बताता है कि एक स्थिति का अधिगम दूसरी स्थिति में तब सहायक होता है जब दोनों में समान तत्व या अनुक्रियाएँ हों। न्यूरोलॉजिकल दृष्टिकोण से, जब छात्र एक नए कार्य को सीखते हैं, तो मस्तिष्क के हिप्पोकैम्पस और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स पूर्व में निर्मित तंत्रिका मार्गों (Neural Pathways) और स्कीमा को सक्रिय करते हैं। 'न्यूरो-प्लास्टिसिटी' और 'क्रॉस-कोर्टिकल सिंक्रनाइज़ेशन' के माध्यम से यह पुराने ज्ञान का नए संदर्भ में उपयोग 'सकारात्मक अधिगम अंतरण' (Positive Transfer) कहलाता है। अतः विकल्प (b) इस जटिल न्यूरो-शैक्षणिक परिप्रेक्ष्य की सबसे सटीक व्याख्या करता है।
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण तथा जैव-रासायनिक चक्रों (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में 'नाइट्रोजन चक्र' (Nitrogen Cycle) और इसकी विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडलीय नाइट्रोजन (N2) को पौधों द्वारा सीधे सीधे रूप में ग्रहण नहीं किया जा सकता है, इसलिए 'नाइट्रोजन स्थिरीकरण' (Nitrogen Fixation) प्रक्रिया के तहत कुछ विशिष्ट सूक्ष्मजीव जैसे राइजोबियम (Rhizobium), एजोटोबैक्टर (Azotobacter) और नीले-हरे शैवाल (Cyanobacteria) इसे अमोनिया या नाइट्रेट यौगिकों में बदलते हैं।
2. 'नाइट्रीकरण' (Nitrification) वह प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत मृदा में मौजूद अमोनिया को पहले नाइट्रोसोमोनास (Nitrosomonas) बैक्टीरिया द्वारा नाइट्राइट में और फिर नाइट्रोबैक्टर (Nitrobacter) बैक्टीरिया द्वारा नाइट्रेट में परिवर्तित किया जाता है, जिसे पौधे आसानी से अवशोषित कर लेते हैं।
3. 'डिट्रीफिकेशन' (Denitrification) या विनाइट्रीकरण प्रक्रिया के दौरान स्यूडोमोनास (Pseudomonas) जैसे विनाइट्रीकारी बैक्टीरिया मृदा में उपस्थित नाइट्रेट्स को वापस गैसीय नाइट्रोजन (N2) में बदलकर वायुमंडल में मुक्त कर देते हैं, जिससे नाइट्रोजन का वैश्विक संतुलन बना रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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बच्चों के नैतिक विकास (Moral Development) के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलबर्ग के चरणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Level) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास में व्यक्ति यह मानता है कि नियम सामाजिक कल्याण के लिए लचीले समझौते हैं और यदि कोई कानून मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है, तो उसे बदला जाना चाहिए।
2. 'रूढ़िगत स्तर' (Conventional Level) के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation) में बच्चा दूसरों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और समाज द्वारा स्वीकृत 'अच्छा' कहलाने की इच्छा से प्रेरित होकर नैतिक निर्णय लेता है।
3. कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास का 'पूर्व-रूढ़िगत स्तर' (Pre-conventional Level) लगभग 10 से 13 वर्ष की उम्र के बाद शुरू होता है, जहाँ बालक सामाजिक व्यवस्था के प्रति पूर्ण निष्ठा रखते हुए देश के कानूनों और नियमों का पालन करना अपना सर्वोच्च नैतिक कर्तव्य मानता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ और व्यक्तिगत भिन्नताएँ' (Learning Styles and Individual Differences) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: कंक्रीट अनुभव, रिफ्लेक्टिव ऑब्जरवेशन, एब्स्ट्रैक्ट कांसेप्चुलाइजेशन, और एक्टिव एक्सपेरिमेंटेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी-प्रेरक कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex), 'अंसुला' (Insula), 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच बहुसंवेदी सूचना एकीकरण, चिंतनशील समेकन, और संज्ञानात्मक लचीलेपन की सक्रियण गतिकी, तथा हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लर्निंग स्टाइल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Learning Style Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत भिन्नताओं के अनुसार अनुदेशन रणनीतियों, अनुभवात्मक कौशल विकास व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की कृषि, प्रमुख फसलों और मृदा अपरदन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश भारत में गेहूँ, आलू और गन्ने के उत्पादन में प्रथम स्थान पर है, तथा यहाँ कुल बोए गए क्षेत्र के सबसे बड़े हिस्से पर धान की फसल उगाई जाती है।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी और बुंदेलखंड क्षेत्रों में मृदा अपरदन का एक प्रमुख कारण 'अवनालिका अपरदन' (Gully Erosion) है, जिसे चंबल और यमुना नदियों के बेसिन में 'बीहड़' (Ravines) के रूप में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
3. राज्य के तराई और भाबर क्षेत्रों में पाई जाने वाली मृदा अत्यधिक उपजाऊ, चिकनी और पोटाशयुक्त होती है, जिस कारण वहाँ बड़े पैमाने पर कपास और चाय की वाणिज्यिक खेती की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ और कक्षा-कक्ष प्रबंधन' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, रिता डन (Rita Dunn) और केन डन (Ken Dunn) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम शैली मॉडल' (Environmental, Emotional, Sociological, Physiological, and Psychological Elements) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सोमैटोसेंसरी कॉर्टेक्स' (Somatosensory Cortex), 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच संवेदी इनपुट प्रसंस्करण, भावनात्मक होमियोस्टैसिस, और कार्यकारी निर्णय लेने की सक्रियण गतिकी, तथा नील फ्लेमिंग (Neil Fleming) के 'VARK मॉडल' (Visual, Auditory, Reading/Writing, Kinesthetic) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-स्टाइल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Style Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में लचीले कक्षा-कक्ष परिवेश, बहुसंवेदी शिक्षण डिजाइन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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