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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और शिक्षण विधियाँ' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जोए गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: तरलता, लचीलापन, मौलिकता और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) के बीच कार्यकारी नियंत्रण, संज्ञानात्मक लचीलेपन, और स्वतःस्फूर्त विचार उत्पादन (Spontaneous Idea Generation) की सक्रियण गतिकी, तथा एलिस पॉल टोरेंस (E. Paul Torrance) के 'टोरेंस परीक्षण ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग' (TTCT) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में नवीन समस्या-समाधान रणनीतियों, मस्तिष्क उद्वेलन (Brainstorming) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
स्पष्टीकरण: सही उत्तर विकल्प (a) है। न्यूरो-संज्ञानात्मक शोध के अनुसार, सृजनात्मकता और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) में मस्तिष्क का 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN - जो दिवास्वप्न और स्वतःस्फूर्त विचार से जुड़ा है) और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC - जो कार्यकारी नियंत्रण और मूल्यांकन से जुड़ा है) के बीच सहयोगात्मक सक्रियण होता है। यह द्वंद्वात्मक संतुलन विचारों की मौलिकता, लचीलेपन और टोरेंस परीक्षण (TTCT) के मानदंडों को पूरा करने में मदद करता है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' इसी तंत्र का उपयोग करके बच्चों में समस्या-समाधान और बहुआयामी चिंतन का विकास करती है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'उत्तर प्रदेश की भूगोल एवं पर्यावरण' के संदर्भ में, राज्य में पाए जाने वाले 'उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन' (Tropical Deciduous Forests) और 'कंटीली झाड़ियों एवं शुष्क वन क्षेत्रों' (Thorn Forests and Scrublands) के पारिस्थितिकीय वितरण, प्रमुख वृक्ष प्रजातियों (जैसे साल, सागौन, महुआ, शीशम, और बबूल), तथा उत्तर प्रदेश के तराई, भाबर और दक्षिण के पठारी क्षेत्रों में जलवायु और मृदा के अंतर्संबंधों के वैज्ञानिक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अधिगम पठार के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'पूर्वकाल इंसुला' (Anterior Insula) के बीच कार्य स्वचालन (Task Automation), संज्ञानात्मक संतृप्ति (Cognitive Saturation), और प्रेरणा संबंधी सुस्ती (Motivational Apathy) की सक्रियण गतिकी, तथा एस.डब्ल्यू. कोल (S.W. Cole) एवं अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'पठार के निवारण के उपायों' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्लेटॉ ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Plateau Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में थकान प्रबंधन, नवीन शिक्षण रणनीतियों (Novelty in Teaching Strategies) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश में 'नवाबगंज पक्षी विहार' निम्नलिखित में से किस जिले में स्थित है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, मृदा अपरदन और कृषि संबंधी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिमी जिलों (विशेषकर आगरा, इटावा और औरैया) में यमुना और उसकी सहायक नदियों द्वारा तीव्र जल प्रवाह के कारण 'अवनलिका अपरदन' (Gully Erosion) होता है, जिसके फलस्वरूप ऊबड़-खाबड़ और गहरी घाटियों वाले 'बीहड़' (Ravines) क्षेत्रों का निर्माण हुआ है।
2. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली मिट्टी मुख्यतः मटियाियार और दोमट होती है, जिसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस की प्रचुरता होती है, लेकिन इसमें पोटाश और चूने की अत्यधिक कमी पाई जाती है जिसके कारण यहाँ केवल बाजरा और ज्वार की खेती की जाती है।
3. राज्य के पूर्वी मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और मिट्टी की क्षारीयता (Alkalinity) को दूर करने के लिए जिप्सम (Gypsum) के प्रयोग की संस्तुति की जाती है, क्योंकि यह मृदा के पीएच (pH) मान को संतुलित करने में सहायक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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