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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम मूल्यांकन एवं सतत व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, कैरोल ड्वेर्क (Carol Dweck) द्वारा प्रतिपादित 'विकासवादी मानसिकता बनाम नियतिवादी मानसिकता' (Growth Mindset vs. Fixed Mindset) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच त्रुटि आधारित प्लास्टिसिटी (Error-based Plasticity), संज्ञानात्मक लचीलेपन (Cognitive Flexibility), और न्यूरोप्लास्टिक रीवायरिंग (Neuroplastic Rewiring) की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन हattie (John Hattie) के 'दृश्यमान अधिगम' (Visible Learning और Feedback Loops) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-असेसमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Assessment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में रचनात्मक प्रतिक्रिया (Constructive Feedback), स्व-नियमन (Self-Regulation) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: सही उत्तर विकल्प (b) है। कैरोल ड्वेर्क की 'विकासवादी मानसिकता' (Growth Mindset) और जॉन हattie के 'दृश्यमान अधिगम' (Visible Learning) का न्यूरो-संज्ञानात्मक अध्ययन यह दर्शाता है कि जब विद्यार्थी त्रुटियों को सीखने के अवसरों के रूप में देखते हैं, तो मस्तिष्क का 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) सकारात्मक रूप से सक्रिय होते हैं। इससे 'त्रुटि-संबंधी नकारात्मकता' (ERN) नियंत्रित होती है और हिप्पोकैम्पस के माध्यम से न्यूरोप्लास्टिक अनुकूलन (Neuroplastic Adaptation) तथा दीर्घकालिक समेकन (Long-term Consolidation) को बढ़ावा मिलता है। यह प्रक्रिया प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में 'न्यूरो-असेसमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के माध्यम से विद्यार्थियों की स्व-नियामक क्षमताओं और संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता को विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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जीन पियाजे کے संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संरक्षण' (Conservation) का गुण बच्चों में किस अवस्था में विकसित होता है?
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उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, लोक नाट्य शैलियों और संगीत परंपराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'खायल नृत्य' उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसे मुख्य रूप से पुत्र जन्मोत्सव के अवसर पर रंग-बिरंगे कागजों और बांसों से बने मंदिरनुमा आकार को सिर पर रखकर महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।
2. 'ख्याल गायकी' और 'ध्रुपद गायकी' के विकास में उत्तर प्रदेश का किराना घराना, अठरौली घराना और आगरा घराना अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं, तथा संगीत सम्राट तानसेन का संबंध मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से था।
3. उत्तर प्रदेश में प्रचलित 'नौटंकी' लोक नाट्य शैली मुख्य रूप से 'हाथरस शैली' और 'कानपुर शैली' के रूप में जानी जाती है, जिसमें वीर रस, श्रृंगार रस और पौराणिक कथाओं का जीवंत मंचन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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हिंदी भाषा शिक्षण और अधिगम प्रक्रिया में 'उपचारात्मक शिक्षण' (Remedial Teaching) का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की अधिगम संबंधी कठिनाइयों और त्रुटियों को दूर करना है। इस संदर्भ में, उपचारात्मक शिक्षण की प्रक्रिया का सबसे पहला और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक चरण निम्नलिखित में से कौन सा माना जाता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सी अवस्था 'अनुमानित-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त तर्क' (Abstract Reasoning) के विकास की विशेषता को सबसे सटीक रूप से दर्शाती है?
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बच्चों के सामाजिक विकास (Social Development) और समाजीकरण की प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समाजीकरण की प्रक्रिया में 'प्राथमिक समाजीकरण' (Primary Socialization) का मुख्य अभिकर्ता (Agent) परिवार को माना जाता है, जहाँ बच्चा शैशवावस्था और प्रारंभिक बाल्यावस्था के दौरान भाषा, संस्कृति और बुनियादी मूल्यों को सीखता है।
2. 'द्वितीयक समाजीकरण' (Secondary Socialization) के अंतर्गत विद्यालय, सहकर्मी समूह (Peer Group), मीडिया और पड़ोस आते हैं, जो बच्चे के बड़े होने पर उसके दृष्टिकोण, सामाजिक भूमिकाओं और औपचारिक नियमों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
3. लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Level) पर समाजीकरण और नैतिकता का आधार पूरी तरह से सामाजिक मानदंडों और कानूनों का बिना किसी आलोचना के आँख बंद कर पालन करना होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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