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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities - विशेष रूप से 'डिस्लेक्सिया' / Dyslexia) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'बाएं हेमिस्फीयर के टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' (Left Temporoparietal Junction) और 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (Visual Word Form Area - VWFA) के बीच फॉ phonological decoding की विफलता, मैग्नोसेलुलर पाथवे (Magnocellular Pathway) की शिथिलता, और ओप्थैल्मिक-ऑप्टिक समन्वय की समस्याओं के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप, तथा सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा गढ़े गए और बाद में निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) व अन्य द्वारा विस्तारित 'विशिष्ट अधिगम अक्षमता' के नैदानिक मॉडलों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-रेमेडियल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Remedial Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness), मल्टी-सेंसरी ऑर्टन-गिलिंगहैम पद्धति (Orton-Gillingham Method) के अनुप्रयोग व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: डिस्लेक्सिया (Dyslexia) एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता है जिसका संबंध मुख्य रूप से मस्तिष्क के बाएं हेमिस्फीयर के टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन (Temporoparietal Junction) और 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA) में सूचना के संचरण और फोनोलॉजिकल डिकोडिंग (ध्वन्यात्मक डिकोडिंग) की न्यूरो-बायोलॉजिकल शिथिलता से है। यह कोई दृष्टि दोष या सामान्य बौद्धिक अक्षमता नहीं है, बल्कि यह भाषा और ध्वनियों को संसाधित करने के तंत्रिका तंत्र (Neural network) से जुड़ी विसंगति है। आधुनिक समावेशी शिक्षा में 'ऑर्टन-गिलिंगहैम' (Orton-Gillingham) जैसी बहु-संवेदी (Multi-sensory) शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से इन तंत्रिका मार्गों को पुनर्स्थापित (Neuro-remediation) किया जा सकता है, जिससे विद्यार्थियों में पठन कौशल और समग्र संज्ञानात्मक दक्षता का संवर्धन होता है। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
Related Questions
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायगोत्स्की के अनुसार संज्ञानात्मक विकास एक सामाजिक रूप से मध्यस्थता वाली प्रक्रिया है, जिसमें बालक अपने समाज और संस्कृति के साथ अंतःक्रिया (Interaction) के माध्यम से उच्च मानसिक कार्यों का विकास करता है।
2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो बालक द्वारा स्वतंत्र रूप से किए जाने वाले कार्य और किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन में किए जाने वाले कार्य के बीच होता है।
3. वायगोत्स्की द्वारा प्रतिपादित 'मचान' (Scaffolding) अवधारणा के अंतर्गत एक शिक्षक या प्रशिक्षक द्वारा प्रदान की जाने वाली वह अस्थायी सहायता है जिसे बालक की क्षमता में सुधार होने के साथ-साथ धीरे-धीरे कम कर दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और शिक्षण विधियों' के संदर्भ में, ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण'—'तैयारी' (Preparation), 'उद्भावन/अद्भुत अवस्था' (Incubation), 'प्रदीप्ति/प्रकटीकरण' (Illumination), और 'सत्यापन/मूल्यांकन' (Verification)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के चार मूल घटकों—'धाराप्रवाहता' (Fluency), 'लचीलापन' (Flexibility), 'मौलिकता' (Originality), और 'विस्तरीकरण' (Elaboration)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता (Creativity)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, जॉय पॉल गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन (Divergent Thinking)' के मॉडल के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) और 'एग्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN) के बीच विचारों के सहज उत्पादन, संज्ञानात्मक लचीलेपन और मानसिक नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड पर्किन्स (David Perkins) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक बुद्धिमत्ता के आर्किटेक्चर' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मुक्त-अंत समस्या-समाधान शिक्षाशास्त्र (Open-ended Problem-Solving Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिकता, धाराप्रवाहता व समग्र सृजनात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के 'कृषि, वानिकी और प्रमुख फसल अनुसंधान संस्थानों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में 'उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद' (UP Council of Sugarcane Research) स्थित है, जो राज्य में गन्ने की उन्नत किस्मों और शर्करा उत्पादन से जुड़े अनुसंधान कार्य का प्रमुख केंद्र है।
2. भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (IISR) की स्थापना लखनऊ में की गई है, जो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत गन्ने की खेती और उससे संबंधित तकनीकी विकास पर शोध करता है।
3. उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले में 'भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान' (IGFRI) अवस्थित है, जो अर्ध-शुष्क और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में चारे की उत्पादकता बढ़ाने के लिए शोध कार्य संचालित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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प्राथमिक स्तर पर गणितीय शिक्षण और बाल विकास के अधिगम सिद्धांतों के संदर्भ में, जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage, लगभग 7 से 11 वर्ष) के दौरान बालकों में विकसित होने वाली किस तार्किक क्षमता के कारण वे 'संरक्षण' (Conservation) और 'वर्गीकरण' (Classification) की अवधारणाओं को भली-भांति समझ पाते हैं?
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