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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन बॉर्बी (John Bowlby) द्वारा प्रतिपादित 'अनुलग्नक सिद्धांत' (Attachment Theory: सुरक्षित, असुरक्षित-चिंतित और असुरक्षित-टालने वाला अनुलग्नक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एमिकडाला' (Amygdala), 'हाइपोथैलेमस-पिट्यूटरी-एड्रेनल (HPA) अक्ष', और 'ऑक्सीटोसिन-वैसोप्रेसिन न्यूरोसेंसरी पाथवे' के बीच तनाव नियमन (Stress Regulation), संवेगात्मक सुरक्षा (Emotional Security), और सामाजिक-संबंध निर्माण की सक्रियण गतिकी, तथा मेरी एनसवर्थ (Mary Ainsworth) के 'स्ट्रेंज सिचुएशन' (Strange Situation) प्रतिमान के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-अटैचमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Attachment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में विश्वास का वातावरण, सुरक्षित अधिगम परिवेश व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

जॉन बॉर्बी और मेरी एनसवर्थ के अनुलग्नक सिद्धांत (Attachment Theory) के अनुसार, बचपन में प्राथमिक देखभाल करने वालों के साथ सुरक्षित या असुरक्षित अनुलग्नक सीधे तौर पर मस्तिष्क के लिम्बिक सिस्टम, विशेषकर एमिकडाला और एचपीए (HPA) अक्ष के तनाव प्रतिक्रिया तंत्र को प्रभावित करते हैं। सुरक्षित अनुलग्नक बच्चों में भावनात्मक सुरक्षा और कम तनाव (कम कोर्टिसोल स्तर) सुनिश्चित करता है, जिससे प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स का विकास बेहतर होता है और अधिगम सुगम होता है। इसके विपरीत, असुरक्षित अनुलग्नक से तनाव हार्मोन बढ़ते हैं जो हिप्पोकैम्पस और सीखने की क्षमता को नुकसान पहुँचाते हैं। 'न्यूरो-अटैचमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' इसी न्यूरो-बायोलॉजिकल समझ पर आधारित है जो समावेशी कक्षाओं में एक सुरक्षित और सकारात्मक माहौल बनाने पर जोर देती है।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षार्थियों को निम्नलिखित में से किसके योग्य बनाना है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के सिद्धांत (Theories of Motivation)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक सुरक्षा से लेकर आत्म-सिद्धि तक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रेल स्ट्रेटम' (Ventral Striatum), 'डोपामिनर्जिक रिवॉर्ड पाथवे' (Dopaminergic Reward Pathway), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच होमियोस्टैटिक नियमन, आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation), और दीर्घकालिक लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) के 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory - SDT: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोटिवेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Motivational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सार्थक सहभागिता, मनोवैज्ञानिक कल्याण व समग्र अधिगम ऊर्जा के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, और यहाँ की सर्वाधिक उपजाऊ जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) को स्थानीय रूप से 'कछारी' या 'खादर' कहा जाता है, जिसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है लेकिन नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है। 2. उत्तर प्रदेश में बहने वाली घाघरा नदी (जिसे पर्वतीय क्षेत्रों में कर्णाली कहा जाता है) राज्य में लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा बनाते हुए प्रवेश करती है और छपरा के निकट गंगा में मिल जाती है, जबकि राप्ती नदी इसकी प्रमुख सहायक नदी है। 3. राज्य में स्थित 'भात और मूँड़' प्रकार की मृदा विशेष रूप से विंध्य पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र में पाई जाती है, जो कि कम उपजाऊ होती है और इसमें मोटे अनाजों (जैसे ज्वार, बाजरा) की खेती की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक काल के उपरांत 'उपनयन संस्कार' तथा उत्तर-वैदिककालीन शिक्षा व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उपनयन संस्कार के माध्यम से बालक को 'द्विज' की संज्ञा मिलती थी, जिसमें विभिन्न वर्णों के बालकों के लिए आयु निर्धारित थी—जैसे ब्राह्मण बालक के लिए 8 वर्ष, क्षत्रिय के लिए 11 वर्ष और वैश्य के लिए 12 वर्ष की आयु में यह संस्कार संपन्न होता था। 2. वैदिक काल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया था—पहला 'सद्योवधू' जो आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए वेदों का अध्ययन करती थीं, और दूसरा 'ब्रह्मवादिनी' जो विवाह कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश करती थीं। 3. गुरुकुल में शिक्षा पूरी होने के बाद छात्र का 'समावर्तन' (Samavartana) संस्कार संपन्न होता था, जिसके पश्चात वह 'स्नातक' की उपाधि प्राप्त कर गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने के लिए अपने घर वापस लौटता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के मनोवैज्ञानिक संदर्भ में, जर्मन मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा किए गए प्रसिद्ध प्रयोगों के आधार पर प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अनुसार, अधिगम सामग्री या सूचना प्राप्त करने के तुरंत बाद शुरुआती समय में विस्मरण की गति कैसी होती है और यह वक्र किस प्रकार का प्रतिरूप (Pattern) दर्शाता है?
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