BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
15 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) द्वारा प्रतिपादित 'अवलोकन संबंधी अधिगम और मॉडलिंग' (Observational Learning and Modeling: ध्यान, अवधारण, पुनरुत्पादन और अभिप्रेरण) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System - MNS), 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus), और 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्कास' (Superior Temporal Sulcus) के बीच प्रत्यक्ष अवलोकन, मोटर अनुकरण (Motor Imitation), और vicarious reinforcement (परोक्ष सुदृढीकरण) की सक्रियण गतिकी, तथा जुलियन रोटर (Julian Rotter) के 'लोकस ऑफ कंट्रोल' (Locus of Control) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोशल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Social Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-प्रभावकारिता (Self-Efficacy), सकारात्मक अनुकरणीय व्यवहार व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

अल्बर्ट बंडूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धांत के अनुसार, बच्चे दूसरों के व्यवहार का अवलोकन (Observation) करके और उसकी नकल (Modeling) करके सीखते हैं। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, मस्तिष्क का 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (MNS) और 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' तब सक्रिय होते हैं जब कोई व्यक्ति किसी अन्य को कोई कार्य करते हुए देखता है, जिससे उस कार्य को अपने तंत्रिका तंत्र में रीक्रिएट करने में मदद मिलती है। यह प्रक्रिया विद्यार्थियों में 'स्व-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) और उपचारात्मक एवं सकारात्मक सामाजिक व्यवहार के विकास में अत्यधिक सहायक होती है। अतः विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
Share:

Related Questions

→ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और पठन विकार (Dyslexia)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, स्टानिस्लास देहाने (Stanislas Dehaene) के 'न्यूरोनल रिसाइक्लिंग हाइपोथैसिस' (Neuronal Recycling Hypothesis) तथा 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (Visual Word Form Area - VWFA) की कार्यप्रणाली के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएं वेंट्रिओसिपिटल कॉर्टेक्स' (Left Ventro-occipital Cortex), 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus - STG), और 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus - IFG) के बीच फॉनोलॉजिकल डिकोडिंग (Phonological Decoding), ऑर्थोग्राफिक मैपिंग (Orthographic Mapping), और दृश्य-श्रव्य एकीकरण (Audiovisual Integration) की सक्रियण गतिकी, तथा शैली शेट्जवाइर (Sally Shaywitz) के 'त्रि-घटक वाचन मॉडल' (Triple-Word-Form Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरियल फोनिक्स-बेस्ड पेडागोजी (Multisensory Phonics-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में पठन प्रवाह (Reading Fluency), शब्द पहचान व समग्र साक्षरता कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण के सिद्धांत' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मृति वक्र' (Forgetting Curve), 'बचत विधि' (Savings Method), तथा जिरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'अन्वेषण अधिगम' (Discovery Learning) और 'संरचनात्मक उपागम' के वैज्ञानिक स्वरूप तथा 'हस्तक्षेप सिद्धांत' (Interference Theory) के अंतर्गत 'पूर्ववर्ती हस्तक्षेप' (Proactive Interference) और 'पश्चगामी हस्तक्षेप' (Retroactive Interference) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम' (Motivation and Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक सुरक्षा से लेकर आत्म-सिद्धि तक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रलग्रुप स्ट्रेटम' (Ventral Striatum), 'न्यूक्लियस एकुम्बेंस' (Nucleus Accumbens), 'डॉपाजेर्जिक रिवार्ड पाथवे' (Dopaminergic Reward Pathway), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच आंतरिक व बाह्य अभिप्रेरणा, होमियोस्टैटिक संतुलन और लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी और रिचर्ड रायन के 'आत्म-निर्धारण सिद्धांत' (Self-Determination Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोटिवेशन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Motivation Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्वायत्तता (Autonomy), सार्थकता (Relatedness) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और दर्शन के संदर्भ में, मीमांसा (पूर्व मीमांसा) दर्शन और उसके प्रणेता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पूर्व मीमांसा दर्शन के संस्थापक महर्षि जैमिनी हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य वेदों के कर्मकांडीय हिस्से (ब्राह्मण ग्रंथों) की व्याख्या करना और वैदिक यज्ञों व अनुष्ठानों की अनिवार्यता को स्थापित करना है। 2. इस दर्शन के अनुसार, धर्म ही वह सर्वोच्च नियम है जो मनुष्य को उसके कर्तव्यों का बोध कराता है, और वेदों को 'अपौरुषेय' (किसी पुरुष या देवता द्वारा रचित नहीं बल्कि शाश्वत) माना गया है। 3. उत्तर मीमांसा (वेदांत दर्शन), जिसे बादरायण द्वारा रचित ब्रह्मसूत्र पर आधारित माना जाता है, पूर्व मीमांसा के बिल्कुल विपरीत केवल ज्ञान मार्ग पर बल देती है, जबकि पूर्व मीमांसा कर्म मार्ग पर जोर देती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम मूल्यांकन और मापन के आधुनिक दृष्टिकोण' के संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा संशोधित 'संज्ञानात्मक उद्देश्य वर्गीकरण' (Revised Bloom's Taxonomy) के अंतर्गत 'स्मरण करना' (Remembering), 'समझना' (Understanding), 'अनुप्रयोग करना' (Applying), 'विश्लेषण करना' (Analyzing), 'मूल्यांकन करना' (Evaluating), और 'सृजन करना' (Creating) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' की पदानुक्रमित सक्रियण प्रक्रिया, तथा नॉर्मन वेब (Norman Webb) द्वारा प्रतिपादित 'ज्ञान की गहराई' (Depth of Knowledge - DoK) मॉडल के चार स्तरों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.