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Indian Polity
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संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक कौन बुलाता है?

Detailed Explanation

संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुलाने का अधिकार रखते हैं।
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→ भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संवैधानिक पदों, अधिकारों तथा उनके कृत्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और उसे भारत के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, तथा वह संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में बोल सकता है और भाग ले सकता है, किंतु उसे किसी भी स्थिति में मतदान करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं होता है। 2. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) भारत सरकार के सभी वित्तीय लेन-देनों की लेखा-परीक्षा (Audit) करता है और अपनी रिपोर्ट सीधे संसद में प्रस्तुत करता है, किंतु संसद के किसी भी सदन की लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) की बैठकों में उसका उपस्थित होना और गवाही देना पूरी तरह से प्रतिबंधित होता है। 3. महान्यायवादी का कार्यकाल संविधान द्वारा निश्चित किया गया है और उसे हटाने की प्रक्रिया वही है जो उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की होती है, जबकि CAG का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है और वह अपने पद से हटने के बाद भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य कार्यालय या रोजगार के लिए पात्र होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की प्रस्तावना में 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व' के आदर्श को फ्रांसीसी क्रांति (1789) से लिया गया है, जबकि 'न्याय' (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) के आदर्श को रूसी क्रांति (1917) से प्रेरणा लेकर शामिल किया गया था। 2. उच्चतम न्यायालय ने 'केशवानंद भारती वाद' (1973) से पूर्व 'बेरूबारी यूनियन वाद' (1960) में यह स्पष्ट किया था कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है और संसद अनुच्छेद 368 के तहत इसमें संशोधन कर सकती है। 3. प्रस्तावना न तो विधायिका की शक्ति का स्रोत है और न ही उसकी शक्तियों पर कोई प्रतिबंध लगाती है, तथा यह गैर-न्यायिक (Non-justiciable) प्रकृति की है, जिसका अर्थ है कि इसके प्रावधानों को सीधे अदालतों में लागू नहीं कराया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की घोषणा संविधान के किस अनुच्छेद के तहत की जाती है? → भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज राजभाषाओं, राजनीतिक दलों की मान्यता तथा संविधान की विभिन्न अनुसूचियों और भागों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संशोधनों के माध्यम से जोड़ा गया; जैसे- सिंधी भाषा को 21वें संशोधन द्वारा, कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को 71वें संशोधन द्वारा तथा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को 92वें संशोधन द्वारा शामिल किया गया, जिससे वर्तमान में इस अनुसूची में कुल 22 राजभाषाएँ हो गई हैं। 2. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) के प्रावधानों के अंतर्गत निर्वाचन आयोग द्वारा किसी राजनीतिक दल को 'राष्ट्रीय दल' (National Party) के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य है कि वह कम से कम चार राज्यों में लोकसभा या विधानसभा चुनावों में कुल वैध मतों का कम से कम 6% मत प्राप्त करे और साथ ही लोकसभा में कम से कम 4 सीटें जीते। 3. संविधान के भाग XVII (अनुच्छेद 343-351) के अंतर्गत संघ की राजभाषा का प्रावधान किया गया है, जिसके अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी, तथा मूल संविधान में यह तय किया गया था कि संविधान लागू होने के 15 वर्षों की अवधि (अर्थात 1965 तक) तक सभी सरकारी कार्यों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा और केवल हिंदी का ही उपयोग अनिवार्य होगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के भाग IV में वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP - अनुच्छेद 36-51) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 39A के तहत 'समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता' का प्रावधान मूल संविधान में 1950 में ही अंतःस्थापित किया गया था, जिसे बाद में 42वें संविधान संशोधन द्वारा और अधिक सशक्त बनाया गया। 2. संविधान का अनुच्छेद 40 पंचायतों के संगठन से संबंधित एक गांधीवादी सिद्धांत है, जिसे बाद में 73वें और 74वें संविधान संशोधन अधिनियमों के माध्यम से संवैधानिक और त्रिस्तरीय रूप प्रदान किया गया। 3. अनुच्छेद 48A के अंतर्गत पर्यावरण का संरक्षण और संवहन तथा वन एवं वन्यजीवों की रक्षा का प्रावधान मूल संविधान में नहीं था, बल्कि इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा नीति निर्देशक तत्वों में जोड़ा गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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