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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के अंतर्दृष्टि सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मैक्स वर्दइमर, कुर्त कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर (Wolfgang Köhler) द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्ट अधिगम' (Gestalt Learning) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Lateral Prefrontal Cortex), 'ेंट्रल टेम्पोरल लोब' (Ventral Temporal Lobe), और 'पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) के बीच अचानक समस्या समाधान (Aha! Experience), संज्ञानात्मक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring), और 'मस्तिष्क के डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' तथा 'कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क' के बीच समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन डीवी के 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-गेस्टाल्ट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Gestalt Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में समग्रतावादी सूझ-बूझ, रचनात्मक अंतर्दृष्टि व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गेस्टाल्ट अधिगम सिद्धांत (कोहलर का अंतर्दृष्टि सिद्धांत) समग्रतावादी दृष्टिकोण पर आधारित है। न्यूरो-संज्ञानात्मक रूप से, जब कोई व्यक्ति अचानक समस्या का समाधान खोजता है ('आहा! अनुभव'), तो मस्तिष्क के 'लैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' और 'वेंट्रल टेम्पोरल लोब' में तीव्र तंत्रिका सक्रियण होता है, जिससे पुराना स्कीमा पुनर्गठित होकर नए समग्र समाधान में बदल जाता है। यह समावेशी कक्षा में तार्किक और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए अत्यधिक उपयोगी है। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन तथा पठारी क्षेत्र के अंतर्गत 'बुंदेलखंड पठार' की विशेषताओं और उसकी मृदा संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बुंदेलखंड का पठारी क्षेत्र उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में यमुना नदी के दक्षिण में स्थित है, जिसके अंतर्गत झाँसी, महोबा, हमीरपुर, ललितपुर, बांदा और चित्रकूट के कुछ भाग आते हैं, और यह प्राचीन प्री-कैंब्रियन काल की गनीस (Gneiss) और ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है।
2. इस क्षेत्र की प्रमुख नदियों में बेतवा, केन, धसान और चंबल शामिल हैं, जो उत्तर की ओर बहते हुए यमुना नदी में मिलती हैं और अपने प्रवाह मार्ग में गहरी खड्डों (Ravines) एवं बीहड़ों का निर्माण करती हैं।
3. इस क्षेत्र की मृदा में लाल मृदा के अंतर्गत 'मार', 'काबर', 'परवा' और 'मरुआ' जैसी स्थानीय किस्में पाई जाती हैं, जिनमें कैल्शियम कार्बोनेट की अधिकता होती है और जल धारण क्षमता अत्यंत उच्च होने के कारण यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश में धान और गेहूँ का सबसे अधिक उत्पादन करने वाला बेल्ट माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों, उत्सवों और कला-संस्कृति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्र में मनाए जाने वाले 'कजरी' महोत्सव के दौरान महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले गीतों में भगवान श्रीकृष्ण और राधा के प्रेम प्रसंग के साथ-साथ प्रकृति की सुंदरता और वर्षा ऋतु का सजीव वर्णन मिलता है।
2. उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में आयोजित होने वाला 'औंला मेला' (Alha Festival) उत्तर प्रदेश का प्रमुख पारंपरिक मेला है जो मुख्य रूप से आल्हा-उदल की वीरगाथाओं और बुंदेलखंडी लोकगाथाओं के गायन के लिए जाना जाता है।
3. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर की सीमा पर लगने वाला 'गोमती नदी तट मेला' या 'धूतपापेश्वर मेला' कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किया जाता है, जहाँ श्रद्धालु पवित्र नदी में स्नान कर मोक्ष की कामना करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के विचारों के बीच निम्नलिखित में से कौन सा मूलभूत अंतर सबसे अधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, कला और सांस्कृतिक उत्सवों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पाई डण्डा' (Pai Danda) नृत्य उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जो गुजरात के 'डांडिया' नृत्य से काफी मिलता-जुलता है और इसे मुख्य रूप से अहीर समुदाय के लोगों द्वारा श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर लाठियों और डंडों के साथ प्रदर्शित किया जाता है।
2. 'चरकुला' (Charkula) नृत्य ब्रज क्षेत्र का एक कठिन और पारंपरिक नृत्य है, जिसमें महिलाएं अपने सिर पर लगभग 108 जलते हुए दीपों से बना हुआ एक भारी पहिया रखकर नृत्य करती हैं, और यह भगवान राधा-कृष्ण की आराधना में किया जाता है।
3. 'ढोला' (Dhola) गायन और 'ख्याल' (Khyal) गायन शैली उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र (विशेषकर आगरा और मेरठ मंडल) में अत्यंत लोकप्रिय लोक-गायन विधाएं हैं, जिनमें ऐतिहासिक योद्धाओं, पौराणिक कथाओं और लोक-नायकों के वीरतापूर्ण प्रसंगों का काव्यात्मक वर्णन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास एवं बौद्ध दर्शन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा महाजनपद वर्तमान उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र के बाहर स्थित था, जबकि शेष तीनों जनपद वर्तमान उत्तर प्रदेश की सीमाओं के अंतर्गत आते थे?
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