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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहुआयामी सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीत, शारीरिक-गतिसंवेदी, अंतरापवैक्तिक, अंतःवैक्तिक और प्रकृतिवादी बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के विशिष्ट क्षेत्रों जैसे 'ब्रोका और वर्निक क्षेत्र' (Broca's & Wernicke's Areas - भाषाई बुद्धि), 'ऑसिपिटो-पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Occipito-Parietal Cortex - स्थानिक बुद्धि), 'सेरेबेलम और मोटर कॉर्टेक्स' (Cerebellum & Motor Cortex - शारीरिक-गतिसंवेदी बुद्धि), और 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स व लिम्बिक सिस्टम' (vmPFC & Limbic System - अंतरापवैक्तिक और अंतःवैक्तिक बुद्धि) के बीच स्वतंत्र तंत्रिका मॉड्यूलर नेटवर्क सक्रियण (Independent Neural Modular Network Activation), सिनैप्टिक विशिष्टीकरण, और संज्ञानात्मक संसाधनों के पृथक्करण की गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग के 'बुद्धि के त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मल्टीपल इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Multiple Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत भिन्नताओं के अनुकूल बहु-संवेदी शिक्षण रणनीतियों, संज्ञानात्मक शक्तियों के संवर्द्धन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न हावर्ड गार्डनर के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के न्यूरो-संज्ञानात्मक और न्यूरो-बायोलॉजिकल पहलुओं पर आधारित है। आधुनिक तंत्रिका विज्ञान (Neuroscience) यह पुष्टि करता है कि मस्तिष्क में विभिन्न संज्ञानात्मक क्षमताएँ (जैसे भाषा, स्थानिक जागरूकता, मोटर कौशल, और सामाजिक-संवेगात्मक बुद्धिमत्ता) अलग-अलग लेकिन अंतर्संबंधित तंत्रिका модуल्स (Neural Modules) और मस्तिष्क क्षेत्रों (जैसे ब्रोका क्षेत्र, सेरेबेलम, vmPFC) द्वारा संचालित होती हैं। 'न्यूरो-मल्टीपल इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' इसी जैविक विविधता को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में विद्यार्थियों की व्यक्तिगत शक्तियों के अनुसार बहु-संवेदी (Multisensory) और विभेदित शिक्षण (Differentiated Instruction) पर बल देती है। अत: विकल्प (b) इस संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य कथन है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और भाषा अर्जन' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, नोम चोमस्की (Noam Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area: बायां इंफीरियर फ्रंटल गाइरस), 'वर्निक क्षेत्र' (Wernicke's Area: बायां सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस) और 'आर्कुएट फेसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच वाक्य-रचना प्रसंस्करण, अर्थगत एकीकरण और श्रवण-वाक् समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा एरिक लेनेरबर्ग (Eric Lenneberg) द्वारा प्रतिपादित 'संवेदनशील काल परिकल्पना' (Critical Period Hypothesis) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, प्राकृतिक संप्रेषण-उन्मुख रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Natural Communicative Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में भाषाई प्रवाह, व्याकरणिक दक्षता व समग्र मौखिक संप्रेषण कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों (सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास (Social Contract Orientation) के चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए एक 'सामाजिक समझौते' के रूप में बनाए गए हैं, इसलिए यदि कोई कानून समाज के अधिकांश लोगों के अधिकारों या हितों की रक्षा करने में असफल रहता है, तो उसमें लोकतांत्रिक तरीके से बदलाव किया जाना चाहिए।
2. सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास (Universal Ethical Principles Orientation) के चरण में व्यक्ति बाहरी नियमों, कानूनों या सामाजिक दबावों से परे जाकर अपने अंतःकरण (Conscience) के स्व-चयनित नैतिक सिद्धांतों के आधार पर निर्णय लेता है, भले ही वे नियम न्याय, मानवाधिकार और समानता के नाम पर कानून के विरुद्ध ही क्यों न हों।
3. इस उच्चतर स्तर पर पहुँचने वाले बालक या वयस्क का मुख्य नैतिक दृष्टिकोण पूरी तरह से 'कानून और व्यवस्था बनाए रखने' तथा 'समाज द्वारा स्वीकृति प्राप्त करने' पर केंद्रित होता है, ताकि वह समाज में एक 'अच्छा लड़का या अच्छी लड़की' की छवि बना सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय इतिहास के संदर्भ में, राज्य के दक्षिण में स्थित पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड पठार) को निम्नलिखित में से किस प्राचीन भू-भाग का हिस्सा माना जाता है?
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सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत इतिहास शिक्षण की 'प्रत्यक्षदर्शी या स्रोत विधि' (Source Method) का मुख्य शैक्षणिक एवं विश्लेषणात्मक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है?
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