त्वरित लिंक्स
UPTET
11 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य कारक (G-Factor) और विशिष्ट कारक (S-Factor)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'विस्तृत डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रंटो-पैरिएटल नेटवर्क्स' (Distributed Fronto-Parietal Networks - G-factor के अंतर्गत सामान्य संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, अमूर्तता और कार्यशील स्मृति), तथा 'विशिष्ट कॉर्टिकल और सबकोर्टिकल सेंसरी-मोटर क्षेत्रों' (Specific Cortical & Subcortical Sensory-Motor Areas - S-factor के अंतर्गत संगीत, गणित या कला जैसे विशिष्ट डोमेन-आधारित कौशल) के बीच न्यूरोनल कनेक्टिविटी, सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी, और कॉर्टिकल थिकनेस की सक्रियण गतिकी, तथा हॉवर्ड गार्डनर के 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-स्पीयरमैन ऑप्टिमाइज्ड डिफरेंशियल पेडागोजी' (Neuro-Spearman Optimized Differential Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामान्य बौद्धिक दक्षता, विशिष्ट कौशलों के विकास व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
चार्ल्स स्पीयरमैन के द्विकारक सिद्धांत के अनुसार, 'G-factor' (सामान्य बुद्धि) सभी मानसिक कार्यों में सामान्य रूप से प्रयुक्त होने वाली मानसिक ऊर्जा है, जिसका न्यूरो-बायोलॉजिकल आधार फ्रंटो-पैरिएटल कॉर्टिकल नेटवर्क की दक्षता और न्यूरोनल कनेक्टिविटी से जुड़ा है। वहीं 'S-factor' (विशिष्ट बुद्धि) विशिष्ट कौशलों से संबंधित है जो मस्तिष्क के विशिष्ट सेंसरी-मोटर या एसोसिएशन क्षेत्रों द्वारा नियंत्रित होते हैं। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में 'Neuro-Spearman Optimized Differential Pedagogy' के तहत सामान्य संज्ञानात्मक कौशल और विशिष्ट डोमेन दक्षताओं दोनों का संतुलित विकास किया जाता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश की ऊर्जा संरचना, बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और जल विद्युत उत्पादन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में रिहंद नदी (सोन नदी की सहायक) पर बना 'रिहंद बांध' (गोविन्द बल्लभ पंत सागर) राज्य की पहली और सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना है, जो सोनभद्र जिले में स्थित है और इससे प्राप्त जल विद्युत का उपयोग मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्रों एवं ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश में स्थित 'ओबरा जल विद्युत केंद्र' और 'माताटीला बांध परियोजना' (बेतवा नदी पर) राज्य के प्रमुख जल विद्युत उत्पादन केंद्र हैं, जो सिंचाई सुविधाओं के साथ-साथ बुंदेलखंड जैसे कम वर्षा वाले क्षेत्रों में विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं।
3. राज्य में कुल विद्युत उत्पादन में जल विद्युत (Hydro Power) का हिस्सा थर्मल पावर (कोयला आधारित) और सौर ऊर्जा की तुलना में सबसे अधिक है, क्योंकि उत्तर प्रदेश की नदियाँ बारहमासी होने के कारण वर्ष भर अधिकतम क्षमता से जल विद्युत का उत्पादन करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'किशोरावस्था के मनोविज्ञान और पहचान के संकट' के संदर्भ में, एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) द्वारा प्रतिपादित 'मनosocial विकास के सिद्धांत' के अंतर्गत 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) अवस्था के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के परिपक्वता असंतुलन (Maturational Imbalance) की भावनात्मक आवेग और निर्णय लेने की सक्रियण प्रक्रिया, तथा जेम्स मार्सिया (James Marcia) द्वारा प्रतिपादित 'पहचान स्थिति मॉडल' (Identity Status Model) के अंतर्गत 'पहचान प्रसार' (Identity Diffusion), 'समयपूर्व बंद होना' (Foreclosure), 'मनोरंजन/विलंबन' (Moratorium), और 'पहचान उपलब्धि' (Identity Achievement) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, परामर्श सेवाओं और विद्यार्थियों में सकारात्मक आत्म-अवधारणा एवं स्व-पहचान के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं को तीन स्वतंत्र विमाओं (Dimensions)—संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और उत्पादों (Products)—में वर्गीकृत किया गया है। प्रारंभिक मॉडल में कुल 120कोष्ठ (Cells) थे, जिन्हें बाद में संशोधित करके 150 और अंततः 180 कर दिया गया। इस त्रिआयामी मॉडल के 'विषय-वस्तु' (Contents) विमा के अंतर्गत निम्नलिखित में से किस एक श्रेणी को सम्मिलित नहीं किया जाता है?
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'प्राथमिक स्तर पर सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के उद्देश्यों और विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन में CCE का मुख्य उद्देश्य छात्रों के केवल संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development) का लिखित परीक्षाओं के माध्यम से अंकन करना है, ताकि उनके प्रदर्शन की तुलना अन्य विद्यालयों के छात्रों से की जा सके।
2. पर्यावरण अध्ययन में मूल्यांकन की सतत प्रक्रिया के अंतर्गत छात्रों के व्यावहारिक कौशलों, क्षेत्र भ्रमण (Field Visits) के दौरान उनके अवलोकन, तथा सामूहिक परियोजनाओं (Group Projects) में उनकी सहभागिता का निरंतर आकलन किया जाना चाहिए।
3. व्यापक मूल्यांकन (Comprehensive Evaluation) के अंतर्गत छात्रों के केवल औपचारिक सह-शैक्षणिक कौशलों को शामिल किया जाता है, जबकि उनके व्यक्तिगत मूल्यों, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण और सामाजिक सहभागिता जैसे गुणात्मक पक्षों का आकलन इस प्रक्रिया से बाहर रखा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और गुरुकुल परंपरा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राचीन काल में 'उपनिदेश' और 'समावर्तन' संस्कार शिक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण चरण थे, जहाँ समावर्तन संस्कार छात्र की औपचारिक शिक्षा की पूर्णता और उसके गृहस्थ आश्रम में प्रवेश से पूर्व गुरु के आश्रम में आयोजित किया जाता था।
2. उत्तर-वैदिक काल और उपनिषद काल में शिक्षा मुख्य रूप से मौखिक परंपरा (श्रुति) पर आधारित थी, किंतु इस काल में महिलाओं को वेदों के अध्ययन, उपनयन संस्कार और ब्रह्मवादिनी के रूप में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त था।
3. नालंदा और वल्लभी प्राचीन भारत के प्रसिद्ध बौद्ध शिक्षण संस्थान थे, जहाँ नालंदा महाविहार मुख्य रूप से महायान बौद्ध धर्म के साथ-साथ तर्कशास्त्र, व्याकरण, चिकित्सा और खगोल विज्ञान का एक विशाल आवासीय विश्वविद्यालय था, जिसे गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम का संरक्षण प्राप्त था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.