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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता (Post-Conventional Morality) के दूसरे स्तर यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा का अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation - Stage 6) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) का छठा और अंतिम चरण 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा का अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) कहलाता है। इस चरण में व्यक्ति बाहरी सामाजिक नियमों या कानूनों से ऊपर उठकर अपने स्वयं के विवेक और सार्वभौमिक सिद्धांतों (जैसे मानव अधिकारों, मानवीय गरिमा और न्याय) के प्रति प्रतिबद्ध होता है। इस स्तर पर सही और गलत का निर्णय अमूर्त नैतिक सिद्धांतों पर आधारित होता है, और यदि कोई कानूनी नियम किसी मानवीय मूल्य या न्याय के खिलाफ जाता है, तो व्यक्ति उस कानून का उल्लंघन करने का नैतिक साहस भी रखता है (उदाहरण के लिए: महात्मा गांधी या मार्टिन लूथर किंग जूनियर का सविनय अवज्ञा आंदोलन)। विकल्प (a) चरण 4 (सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास) से संबंधित है, विकल्प (c) चरण 3 (अच्छा लड़का/अच्छी लड़की अभिविन्यास) से संबंधित है, और विकल्प (d) चरण 1 (दंड और आज्ञाकारिता अभिविन्यास) से संबंधित है।
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