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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, गेस्टाल्टवादियों (Gestalt Psychologists) जैसे कि मैक्स वर्दहाइमर, कोहलर और कोफ्का द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के अंतर्दृष्टि या सूझ का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के अंतर्गत 'सूझ' (Insight) की उत्पत्ति और इसकी संज्ञानात्मक प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों (मैक्स वर्दहाइमर, वुल्फगैंग कोहलर और कर्ट कोफ्का) के अनुसार, अधिगम केवल थॉर्नडाइक के प्रयास और त्रुटि जैसा यांत्रिक तरीका नहीं है, बल्कि यह 'अंतर्दृष्टि या सूझ' (Insight) पर आधारित होता है। कोहलर के चिम्पांजी (सुल्तान) पर किए गए प्रयोगों ने सिद्ध किया कि समस्या समाधान किसी क्रमिक प्रक्रिया का परिणाम नहीं, बल्कि अचानक होने वाला 'संज्ञानात्मक पुनर्गठन' (Cognitive Restructuring) है, जहाँ व्यक्ति समस्या को आंशिक रूप से न देखकर समग्र रूप से (Holistic view) देखता है और अचानक 'अहा! अनुभव' (Aha! Experience) के साथ समाधान प्राप्त करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादितशोधात्मक अवस्था—'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) तथा इसके पूर्ववर्ती चरण 'उद्योग बनाम हीनता' (Industry vs. Inferiority)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में किशोरावस्था के दौरान विद्यार्थियों के आत्म-संकल्प (Self-Concept), व्यावसायिक अन्वेषण, और सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement) में से 'परिवर्ती-अनुपात अनुसूची' (Variable-Ratio Schedule) तथा 'नियत-अंतराल अनुसूची' (Fixed-Interval Schedule) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक प्रभावों के तुलनात्मक विश्लेषण और कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की अधिगम स्थिरता (Learning Persistence) एवं विलुप्तिकरण (Extinction) के प्रतिरोध के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित विभिन्न प्रकार की बुद्धियों—विशेषकर 'अन्तःवैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) और 'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Interpersonal Intelligence)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की सामाजिक-संवेगात्मक क्षमताओं, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), और आत्म-नियमन (Self-Regulation) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षा को केवल भविष्य के लिए तैयारी न मानकर वर्तमान जीवन की प्रक्रिया माना जाता है, जहाँ छात्र वास्तविक जीवन की समस्याओं का सामना करके वैज्ञानिक पद्धति और लोकतांत्रिक अनुभवों के माध्यम से अपने ज्ञान का सक्रिय निर्माण करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान और सामाजिक उत्तरदायित्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'कमी की आवश्यकताएं' (Deficiency Needs / D-needs) जैसे सुरक्षा एवं अपनेपन की आवश्यकताएं तथा 'विकास की आवश्यकताएं' (Growth Needs / B-needs) जैसे आत्म-सिद्धि (Self-Actualization) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक अभिप्रेरण (Intrinsic Motivation) और समग्र विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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