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Indian Polity
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लोकसभा में 'अनुसूचित जातियों' (SC) के लिए आरक्षित सीटों की संख्या किस अनुच्छेद के तहत तय की गई है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अनुच्छेद 330 के तहत लोकसभा में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों का आरक्षण है।
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संविधान संशोधन विधेयक राष्ट्रपति के पास जाने पर क्या कर सकते हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत शामिल 'मूल कर्तव्यों' (Fundamental Duties) की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उनके प्रावधानों तथा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को मूल संविधान में शामिल नहीं किया गया था, बल्कि इन्हें वर्ष 1976 में आपातकाल के दौरान स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुति के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान के भाग IV-क के अनुच्छेद 51-क के तहत जोड़ा गया था, तथा वर्तमान में इसमें कुल 11 मूल कर्तव्य हैं, जिनमें से 11वाँ कर्तव्य 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा जोड़ा गया था।
2. स्वर्ण सिंह समिति ने मूल रूप से संविधान में 8 मूल कर्तव्यों को शामिल करने की सिफारिश की थी और साथ ही यह भी संस्तुति की थी कि संसद को किसी भी मूल कर्तव्य के उल्लंघन या अवहेलना पर दंड या शास्ति (Penalty / Fine) आरोपित करने के लिए विधि बनाने का अधिकार होना चाहिए, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार करते हुए संविधान में एक नया दंडात्मक उपबंध भी जोड़ा था।
3. मूल कर्तव्यों की प्रकृति न्यायोचित (Justiciable) नहीं है, अर्थात् इनके उल्लंघन या पालन न किए जाने पर किसी भी न्यायालय द्वारा इन्हें सीधे प्रवर्तित नहीं कराया जा सकता है, और ये कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैं, भारत में निवास करने वाले विदेशी नागरिकों पर नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भोपाल गैस त्रासदी किस वर्ष हुई थी?
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भारतीय संविधान के प्रथम भाग के अंतर्गत 'संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र' (अनुच्छेद 1-4) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 2 के तहत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना ऐसे निबंधनों और शर्तों पर कर सके जो वह ठीक समझे, और इस शक्ति के अंतर्गत भारतीय संघ में किसी विदेशी भू-भाग को शामिल करने के लिए संविधान संशोधन करना अनिवार्य होता है।
2. अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद को किसी राज्य के क्षेत्र को बढ़ाने, घटाने, उसके नाम या सीमा में परिवर्तन करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु इस प्रकार का कोई भी अध्यादेश या विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना संसद के किसी भी सदन में पुनः स्थापित नहीं किया जा सकता है, तथा राष्ट्रपति इस विधेयक को संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास उसका मत जानने के लिए भेजता है, जो राष्ट्रपति या संसद पर बाध्यकारी होता है।
3. 'बेरूबारी संघ मामला (1960)' में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्धारित किया था कि भारतीय संघ के किसी भू-भाग को किसी अन्य देश को सौंपने (Cession of territory) के लिए अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद द्वारा साधारण बहुमत से साधारण विधि पारित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन अधिनियम पारित करना अनिवार्य है।
4. संविधान के अनुच्छेद 4 के अनुसार अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अधीन नए राज्यों के प्रवेश, स्थापना, सीमा परिवर्तन आदि से संबंधित विधियों को अनुच्छेद 368 के प्रयोजन के लिए संविधान का संशोधन नहीं माना जाएगा, जिसका अर्थ है कि ऐसी विधियाँ साधारण बहुमत और सामान्य विधायी प्रक्रिया द्वारा ही पारित की जा सकती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संवैधानिक स्वरूप, उनके विशेषाधिकारों और उनके कार्यालयों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के प्रावधान के अनुसार महान्यायवादी को अपने कर्तव्यों के पालन में भारत के राज्यक्षेत्र के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, और उसे किसी भी ऐसे मामले में जिसमें भारत सरकार को परामर्श देना हो, आपराधिक मामलों में भी बिना सरकार की अनुमति के निजी प्रैक्टिस करने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है।
2. संविधान के अनुच्छेद 149 के अंतर्गत नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) केवल केंद्र सरकार की प्राप्तियों और व्ययों की लेखा-परीक्षा करने के लिए अधिकृत है, तथा राज्यों के लेखाओं की परीक्षा करने का अधिकार पूरी तरह से संबंधित राज्यों के अपने लेखा परीक्षकों के पास होता है, जिसका संसद की विधि से कोई संबंध नहीं है।
3. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) द्वारा तैयार की गई केंद्र के विनियोग लेखाओं (Appropriation Accounts) और वित्त लेखाओं (Finance Accounts) से संबंधित लेखा-परीक्षा रिपोर्टों को राष्ट्रपति द्वारा संसद के प्रत्येक सदन के पटल पर रखवाया जाता है, जहाँ संसद की लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) द्वारा इन रिपोर्ट्स की गहन संवीक्षा की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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