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Indian Polity
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लोकसभा में 'अनुसूचित जातियों' (SC) के लिए आरक्षित सीटों की संख्या किस अनुच्छेद के तहत तय की गई है?

Detailed Explanation

अनुच्छेद 330 के तहत लोकसभा में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों का आरक्षण है।
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→ राज्य विधानमंडल के संदर्भ में, विधानसभा और विधान परिषद की विधाई शक्तियों, उनकी संरचना तथा आपसी गतिरोध निवारण की प्रक्रिया से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन के लिए संसद विधि बना सकती है, बशर्ते संबंधित राज्य की विधानसभा ने इस आशय का संकल्प अपनी कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित कर दिया हो, और इस प्रकार पारित संकल्प के संबंध में राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति या संस्तुति अनिवार्य होती है। 2. साधारण विधेयक (Ordinary Bill) के पारित होने के संबंध में यदि विधान परिषद किसी विधेयक को अस्वीकार कर देती है या ऐसे संशोधन प्रस्तुत करती है जिससे विधानसभा असहमत है, या विधान परिषद द्वारा विधेयक को बिना किसी कार्रवाई के तीन महीने तक रोक लिया जाता है, तो ऐसी स्थिति में संविधान के अनुच्छेद 197 के तहत दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) बुलाए जाने का स्पष्ट संवैधानिक प्रावधान किया गया है। 3. धन विधेयक (Money Bill) को केवल विधानसभा में ही पुनः स्थापित किया जा सकता है, और विधान परिषद को धन विधेयक को अस्वीकार करने का कोई अधिकार नहीं है; विधान परिषद को धन विधेयक प्राप्ति की तिथि से अधिकतम चौदह दिनों की अवधि के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिशों के विधानसभा को वापस लौटाना होता है, अन्यथा उस अवधि की समाप्ति पर वह विधेयक दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित समझा जाता है जिस रूप में वह विधानसभा द्वारा पारित किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस संशोधन द्वारा संविधान में एक नया भाग IX-A जोड़ा गया जिसका शीर्षक 'नगरपालिकाएँ' है तथा इसमें अनुच्छेद 243-P से 243-ZG तक के प्रावधान शामिल किए गए हैं। 2. इस अधिनियम के तहत तीन प्रकार की नगर-पालिकाओं के गठन का प्रावधान किया गया है: नगर पंचायत (संक्रमणकालीन क्षेत्र के लिए), नगरपालिका परिषद (लघु नगरीय क्षेत्र के लिए) और नगर निगम (बृहत् नगरीय क्षेत्र के लिए)। 3. नगरपालिकाओं के सभी सदस्यों का चुनाव सीधे तौर पर क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा किया जाता है, और इसके अतिरिक्त राज्य का कोई भी विधायक या सांसद नगरपालिकाओं के चुनावों में मतदान करने का अधिकार नहीं रखता है। 4. इस संशोधन द्वारा जोड़ी गई बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं की कार्यप्रणाली के लिए कुल 18 कार्यात्मक विषयों का उल्लेख किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान सभा के गठन और उसकी निर्माण प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कैबिनेट मिशन योजना (1946) के तहत संविधान सभा के लिए प्रस्तावित कुल 389 सीटों में से ब्रिटिश प्रांतों को 292 सीटें, देशी रियासतों को 93 सीटें और मुख्य कमिश्नरी क्षेत्रों को 4 सीटें आवंटित की गई थीं। 2. संविधान सभा के निर्वाचन में ब्रिटिश प्रांतों और मुख्य कमिश्नरी क्षेत्रों की सीटों को तीन प्रमुख समुदायों - मुस्लिम, सिख और सामान्य (मुस्लिम व सिख को छोड़कर अन्य सभी) में उनकी जनसंख्या के अनुपात के आधार पर विभाजित किया गया था, तथा प्रत्येक समुदाय के प्रतिनिधियों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा किया जाना था। 3. संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने बहिष्कार किया था और सभा के अस्थायी अध्यक्ष के रूप में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को फ्रांस की परिपाटी के अनुसार चुना गया था, जबकि देशी रियासतें शुरू से ही संविधान सभा से अलग रही थीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास के अंतर्गत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित विभिन्न अधिनियमों और उनके प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 के माध्यम से कंपनी के राजनीतिक और व्यापारिक कार्यों को पृथक किया गया, जिसके तहत 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' (नियंत्रण बोर्ड) की स्थापना की गई जो राजनीतिक मामलों की देखरेख करता था, और इसे ब्रिटिश कैबिनेट के एक सदस्य के अधीन रखा गया। 2. चार्टर अधिनियम, 1833 द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' बना दिया गया, तथा इस अधिनियम ने मद्रास और बॉम्बे के गवर्नरों की विधायी शक्तियों को पूरी तरह से समाप्त कर दिया, जिससे भारत में केंद्रीय केंद्रीकृत प्रशासन की नींव पड़ी। 3. चार्टर अधिनियम, 1853 के द्वारा गवर्नर-जनरल की परिषद के विधायी और प्रशासनिक कार्यों को स्पष्ट रूप से अलग किया गया, जिसके तहत परिषद में छह नए पार्षदों को जोड़ा गया जिन्हें 'विधान पार्षद' (Legislative Councillors) कहा गया, और सिविल सेवकों की भर्ती के लिए खुली प्रतियोगिता प्रणाली की शुरुआत की गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के भाग III (मूल अधिकार) के अंतर्गत 'धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध' (अनुच्छेद 15) और 'समानता का अधिकार' (अनुच्छेद 14-18) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 15(4) को प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम, 1951 द्वारा जोड़ा गया था, जिसके तहत राज्य को सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े हुए नागरिकों के वर्गों की उन्नति के लिए अथवा अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए कोई विशेष उपबंध करने की शक्ति प्रदान की गई है। 2. अनुच्छेद 16(4-A) के माध्यम سے राज्य को किसी भी वर्ग के नागरिकों के पक्ष में, जिनका प्रतिनिधित्व राज्य की राय में राज्य के अधीन सेवाओं में पर्याप्त नहीं है, पदोन्नति के मामलों में आरक्षण के लिए उपबंध करने की शक्ति दी गई है, और यह संसद को 77वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1995 द्वारा प्राप्त हुई। 3. अनुच्छेद 18 के अंतर्गत उपाधियों का अंत किया गया है, जिसके तहत राज्य सेना या विद्या संबंधी सम्मान के सिवाय कोई अन्य उपाधि प्रदान नहीं कर सकता है, तथा भारत का कोई नागरिक किसी विदेशी राज्य से कोई उपाधि राष्ट्रपति की सहमति के बिना स्वीकार कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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