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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उद्दीपन सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization), 'विभेदक अनुबंधन' (Discrimination), और 'विलोपन' (Extinction) की संकल्पनाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आदत निर्माण और भय उन्मूलन (Phobia Extinction) के व्यावहारिक अनुप्रयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इवान पावलोव के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत में 'उद्दीपन सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization) वह स्थिति है जहाँ प्राणी मूल अनुबंधित उद्दीपन (Conditioned Stimulus) के समान अन्य उद्दीपनों के प्रति भी अनुक्रिया देने लगता है (जैसे छोटे बच्चे द्वारा सभी सफेद और रोएँदार चीजों से डरना)। इसके विपरीत, 'विभेदक अनुबंधन' (Stimulus Discrimination) प्राणी को समान उद्दीपनों के बीच अंतर करना सिखाता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में शिक्षक विद्यार्थियों में सकारात्मक आदतों का विस्तार करने के लिए सामान्यीकरण का लाभ उठा सकते हैं और साथ ही यह भी सुनिश्चित करते हैं कि छात्र उचित और अनुचित परिस्थितियों में अंतर (भेद) करना सीखें। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक है।
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