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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) और 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existentialist Intelligence) की वास्तविक मनोवैज्ञानिक विशेषताओं तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में बहु-संवेदी उपागम (Multi-sensory Approach) के माध्यम से व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) के समायोजन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, बुद्धि का कोई एक सामान्य कारक नहीं होता बल्कि स्वतंत्र प्रकार की कई बुद्धियाँ होती हैं। 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) प्रकृति, वनस्पति और जीवों के साथ सूक्ष्म अंतर करने की क्षमता से जुड़ी है, जबकि 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existentialist Intelligence) जीवन, मृत्यु और ब्रह्मांडीय रहस्यों जैसे दार्शनिक प्रश्नों पर चिंतन करने की क्षमता है। MPTET परीक्षा की दृष्टि से, एक समावेशी और प्रभावी कक्षा में शिक्षक को विद्यार्थियों की इन विविध क्षमताओं को पहचानकर बहु-संवेदी और अनुभवात्मक अधिगम अवसरों का सृजन करना चाहिए, जिससे व्यक्तिगत भिन्नताओं का सकारात्मक समायोजन हो सके। अतः विकल्प (a) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: 2-7 वर्ष) में बालकों द्वारा प्रदर्शित 'जीववाद' (Animism) और 'अहंप्रभाव' (Egocentrism) की संकल्पनाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक और विकासात्मक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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