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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों—मैक्स वर्दीमर (Max Wertheimer), कर्ट कोफ्का (Kurt Koffka), और वोल्फगांग कोहलर (Wolfgang Köhler)—द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के अंतर्गत निहित 'अवयवीकरण' (Gestalt Perception) के नियमों—जैसे 'समीपता' (Proximity), 'समानता' (Similarity), 'निरंतरता' (Continuity), और 'पूर्णता' (Closure)—तथा कोहलर के 'सुल्तान' नामक चिंपैंजी पर किए गए प्रयोग के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'समस्या-समाधान' (Problem Solving) के दौरान 'अचानक बोध या प्रकाश' (Aha! Experience) की घटना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) का मूल आधार 'संपूर्णता' या समग्रता है। इसके अनुसार, मानसिक विकास या समस्या-समाधान यांत्रिक विधि (Trial and Error) से न होकर अचानक सूझ (Insight) द्वारा होता है, जहाँ व्यक्ति किसी समस्या की पूरी स्थिति को एक साथ देखकर (Cognitive Restructuring) उसके विभिन्न अंगों के बीच अंतःसंबंध स्थापित करता है और 'Aha! Experience' (अरे! मिल गया समाधान) का अनुभव करता है। अतः विकल्प (b) इस सिद्धांत के वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक स्वरूप को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) और 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनात्मक चिंतन' (Reflective Thinking) की पांच चरणों वाली प्रक्रिया—(1) कठिनाई का अनुभव, (2) समस्या का परिभाषाकरण, (3) संभावित समाधानों का सुझाव, (4) परिकल्पनाओं का तार्किक अनुक्रमण, और (5) परिकल्पनाओं का प्रायोगिक परीक्षण—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) और लोकतांत्रिक समस्या-समाधान के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory / Social Cognitive Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अवलोकनात्मक अधिगम' (Observational Learning / Modeling) की चार परस्पर संबंधित उप-प्रक्रियाओं—(1) अवधान (Attention), (2) धारण (Retention), (3) पुनरुत्पादन (Reproduction), और (4) अभिप्रेरण/पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)—के साथ-साथ 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के vicarious reinforcement (प्रतिनिधिक पुनर्बलन), स्व-नियमन (Self-Regulation), और सकारात्मक व्यवहारिक मॉडलों के अनुकरण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights - स्तर 3, चरण 5) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून लचीले सामाजिक अनुबंध हैं जिन्हें समाज की भलाई और व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक रूप से बदला जा सकता है, न कि वे समाज द्वारा थोपे गए कोई कठोर और अपरिवर्तनीय आदेश हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक मूल्यों, आलोचनात्मक न्यायबोध और नैतिक तार्किकता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति के भीतर किसी विशिष्ट परिस्थिति या कार्य को सफलतापूर्वक निष्पादित करने की अपनी क्षमता के बारे में व्यक्तिगत विश्वास और आकलन शामिल होता है, जो उसके प्रेरणा स्तर, चुनौतियों का सामना करने के दृढ़ संकल्प और लक्ष्य-प्राप्ति के प्रयासों को सीधे तौर पर संचालित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्मविश्वास के सृजन, शैक्षणिक लचीलेपन और स्वन ियामित अधिगम (Self-regulated Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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