त्वरित लिंक्स
MPTET
18 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) एवं 'व्यक्तियों-केंद्रित चिकित्सा' (Person-Centred Therapy) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-संकल्पना' (Self-Concept), 'वास्तविक आत्म' (Real Self) बनाम 'आदर्श आत्म' (Ideal Self) के मध्य विसंगति (Incongruence), तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'पूर्णतः कार्यशील व्यक्ति' (Fully Functioning Person) के निर्माण हेतु 'सकारात्मक सम्मान' (Unconditional Positive Regard) और 'सहानुभूतिपूर्ण समझ' (Empathetic Understanding) के अनुप्रयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कार्ल रोजर्स के मानवतावादी सिद्धांत के अनुसार, जब किसी व्यक्ति का 'वास्तविक आत्म' (Real Self—वह जैसा वास्तव में है) और 'आदर्श आत्म' (Ideal Self—वह जैसा बनना चाहता है) एक-दूसरे से मेल नहीं खाते हैं, तो उनके बीच 'विसंगति' (Incongruence) पैदा होती है। यह विसंगति उच्च स्तर की चिंता, कुंठा और मानसिक तनाव का कारण बनती है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में, एक शिक्षक 'बिना शर्त सकारात्मक सम्मान' (Unconditional Positive Regard) और 'सहानुभूतिपूर्ण समझ' (Empathetic Understanding) का वातावरण प्रदान करके विद्यार्थियों में इस विसंगति को दूर कर सकता है और उन्हें एक 'पूर्णतः कार्यशील व्यक्ति' बनने में सहायता कर सकता है। अतः विकल्प (ए) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संरक्षण या कंजर्वेशन' (Conservation)**—जिसे उस तार्किक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के भौतिक रूप, रंग या आकार में परिवर्तन होने पर भी उसका द्रव्यमान, आयतन, भार या संख्या अपरिवर्तित रहती है (जो मुख्य रूप से 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' यानी Concrete Operational Stage में विकसित होती है)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, विकेंद्रीकरण (Decentration) और गणितीय-वैज्ञानिक अवधारणाओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक अवधारणा—**'विलोपन' (Extinction)**—जिसे तब घटित होने वाली प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जब अनुबंधित उद्दीपक (CS - Conditioned Stimulus जैसे घंटी) को बार-बार बिना अननुबंधित उद्दीपक (UCS - Unconditioned Stimulus जैसे भोजन) के प्रस्तुत किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप अनुबंधित अनुक्रिया (CR - Conditioned Response जैसे लार आना) धीरे-धीरे कमजोर होकर अंततः समाप्त हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहारों के संशोधन, अव्यवस्थित आदतों के परिष्करण और अनुकूलित प्रतिक्रियाओं के वैज्ञानिक नियंत्रण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-प्रभाویता' (Self-Efficacy)**—जिसे उस व्यक्तिगत विश्वास या मनोवैज्ञानिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से व्यक्ति यह आकलन करता है कि वह किसी विशिष्ट परिस्थिति या चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक निष्पादित करने और वांछিত परिणाम प्राप्त करने में कितना सक्षम है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लक्ष्य-निर्धारण, दृढ़ता, आंतरिक अभिप्रेरण और शैक्षणिक निष्पादन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अंतर्वैयक्तिक बुद्धि या इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस' (Interpersonal Intelligence)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत कोई व्यक्ति अन्य व्यक्तियों के मूड, टेंपरमेंट, प्रेरणाओं और इच्छाओं को सूक्ष्मता से समझने, उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद स्थापित करने और उनके व्यवहार में उचित समन्वय या नेतृत्व करने में अत्यधिक कुशल होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक कौशल, सामाजिक संवेदनशीलता और समूह अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम या स्पाइरल करिकुलम' (Spiral Curriculum)**—जिसे उस शैक्षिक डिज़ाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल विषय या बुनियादी विचार को बालक की प्रारंभिक शिक्षा में बहुत ही सरल और सहज रूप में प्रस्तुत किया जाता है और जैसे-जैसे छात्र की आयु, कक्षा स्तर और संज्ञानात्मक परिपक्वता बढ़ती जाती है, उसी विषय को अधिक गहराई, जटिलता और व्यापक तार्किक आयामों के साथ बार-बार दोहराया और विस्तारित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संचयी ज्ञान निर्माण, अवधारणात्मक स्पष्टता और दीर्घकालिक संज्ञानात्मक संरचना (Cognitive Structure) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.