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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन मंट का ‘गिब्सन और गिब्सन के दृश्य प्रगाढ़ता सिद्धांत’ (Gibson's Theory of Perceptual Development) तथा ‘अडॉप्टिव कॉग्निशन’ (Adaptive Cognition) के सिद्धांतों के अंतर्गत, बच्चों में पर्यावरणीय उद्दीपकों के प्रति ‘प्रत्यक्षदर्शी चयन’ (Direct Perception) और ‘सक्रिय सूचना प्रसंस्करण’ (Active Information Processing) की प्रक्रियाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में ‘संज्ञानात्मक लचीलेपन’ (Cognitive Flexibility) तथा ‘बहु-आयामी स्थानिक समझ’ (Multi-dimensional Spatial Understanding) के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और शिक्षण शास्त्र के दृष्टिकोण से, गिब्सन के प्रत्यक्ष विकास सिद्धांत और ‘अडॉप्टिव कॉग्निशन’ (Adaptive Cognition) यह स्पष्ट करते हैं कि बच्चे अपने परिवेश से सीधे संवेदी जानकारी प्राप्त करते हैं और उसे अपनी संज्ञानात्मक संरचनाओं के अनुसार ढालते हैं। विकल्प (c) सबसे अधिक प्रामाणिक है क्योंकि यह पर्यावरण और संज्ञान के बीच की सक्रिय अंतःक्रिया को स्वीकार करता है, जो कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक लचीलेपन (Cognitive Flexibility) और स्थानिक समझ (Spatial Understanding) को बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अर्थपूर्ण अनुभवात्मक अधिगम' (Significant / Experiential Learning)**—जिसे उस प्रकार के गहरे और परिवर्तनकारी अधिगम के रूप में परिभाषित किया जाता है जो केवल तथ्यों को याद रखने (Cognitive) तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसमें शिक्षार्थी की व्यक्तिगत संलिप्तता, उसके संवेगों, इच्छाओं और संपूर्ण व्यक्तित्व का समावेश होता है, तथा जो शिक्षार्थी के व्यवहार, दृष्टिकोण और भविष्य के विकल्पों को मौलिक रूप से रूपांतरित कर देता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-निर्देशित अधिगम (Self-Directed Learning), आंतरिक प्रेरणा और व्यक्तिगत विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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