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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) के दोनों चरणों—(1) सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार (Social Contract and Individual Rights) तथा (2) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत (Universal Ethical Principles)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों में 'स्व-विनियमित नैतिकता' (Self-Regulated Morality) और 'लोकतांत्रिक मूल्यों' के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलवर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत का 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) नैतिक विकास का सर्वोच्च चरण है। इसके अंतर्गत दूसरा चरण 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Stage 6) है, जहाँ व्यक्ति अमूर्त न्याय, मानवाधिकार और व्यक्तिगत अंतःकरण के सिद्धांतों से निर्देशित होता है। वह बाहरी नियमों को तभी सही मानता है जब वे न्यायसंगत हों। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इस स्तर का विकास विद्यार्थियों को आलोचनात्मक चिंतन, लोकतांत्रिक मूल्यों और तार्किक निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) की सर्वोच्च अवस्था—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों का उपयोग करते हुए एक ऐसी नवीन और जटिल मानसिक परिस्थिति का सफलतापूर्वक सामना करता है जहाँ उसे चिंतन, तार्किकता और अंतर्दृष्टि के माध्यम से नए समाधान या नियम का आविष्कार करना होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, सृजनात्मकता और स्वतंत्र ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, फ्रांसिस गाल्टन (Francis Galton) और बाद में आर्थर जेन्सेन (Arthur Jensen) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का पदानुक्रमित एवं दो-स्तरीय मॉडल' (Level I and Level II Intelligence Model) के अंतर्गत—जहाँ लेवल I (Level I) साहचर्य अधिगम (Associative Learning) को संदर्भित करता है जिसमें अल्पकालिक स्मृति, रटकर याद रखना और अनुवर्ती अनुक्रियाएँ शामिल होती हैं, तथा लेवल II (Level II) संज्ञानात्मक और वैचारिक कौशल (Cognitive and Conceptual Skills) को संदर्भित करता है जिसमें अमूर्त चिंतन, तार्किक विश्लेषण, समस्या-समाधान और उच्च-स्तरीय प्रतीकात्मक प्रसंस्करण सम्मिलित होते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की विभिन्न बौद्धिक क्षमताओं, विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) और संज्ञानात्मक पदानुक्रम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, मूक और बधिरीकृत या श्रवण बाधित बालकों के भाषा अर्जन एवं संप्रेषण के लिए उपयोग की जाने वाली 'द्विभाषावाद संप्रेषण पद्धति' (Bilingual-Bicultural Approach / Bi-Bi Approach) की अवधारणा—जिसके तहत बहरे बच्चों को उनकी प्राथमिक प्राकृतिक भाषा के रूप में 'सांकेतिक भाषा' (Sign Language) और द्वितीयक भाषा के रूप में उस देश या क्षेत्र की लिखित/मौखिक मौखिक भाषा दोनों को समान महत्व देकर उनके द्विभाषी और द्वि-सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा दिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय समावेशी शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विकास, सामाजिक एकीकरण और वैचारिक संप्रेषण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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