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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी शिक्षण सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अर्थपूर्ण अनुभवात्मक अधिगम' (Significant Experiential Learning), 'सुगमकर्ता के रूप में शिक्षक' (Teacher as a Facilitator) की अवधारणा, तथा 'बिना शर्त सकारात्मक आदर' (Unconditional Positive Regard) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की 'स्वयं की संकल्पना' (Self-Concept) के सुदृढ़ीकरण और आंतरिक स्वायत्तता के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) का मानवतावादी शिक्षण सिद्धांत इस बात पर जोर देता है कि शिक्षा व्यक्ति-केंद्रित (Person-Centered) होनी चाहिए। उनके अनुसार, 'सुगमकर्ता' (Facilitator) के रूप में शिक्षक का मुख्य कार्य कक्षा में ऐसा मनोवैज्ञानिक रूप से सुरक्षित वातावरण तैयार करना है जहाँ विद्यार्थियों को 'बिना शर्त सकारात्मक आदर' (Unconditional Positive Regard) मिले। इससे विद्यार्थियों की 'स्वयं की संकल्पना' (Self-Concept) मजबूत होती है, वे अपनी पूरी क्षमता (Actualizing Tendency) का उपयोग कर पाते हैं, और अधिगम उनके व्यक्तिगत अनुभवों से जुड़कर अधिक सार्थक एवं स्थायी बनता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'शेपिंग या आकार देना' (Shaping) की अवधारणा—जिसके तहत किसी जटिल या पूरी तरह से नवीन अवांछित या वांछित व्यवहार को सीधे एक बार में प्राप्त करने के बजाय, लक्ष्य व्यवहार के क्रमिक और निकटतम सन्निकटन (Successive Approximations) चरणों को सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) प्रदान करके धीरे-धीरे वांछित अंतिम व्यवहार को ढालकर स्थापित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, चरणबद्ध प्रगति और सकारात्मक सुदृढ़ीकरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) तथा 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existentialist Intelligence) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता (Ecological Sensitivity), पर्यावरण संरक्षण आधारित अनुभवात्मक अधिगम, और जीवन के दार्शनिक एवं ब्रह्मांडीय प्रश्नों के तार्किक अन्वेषण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-Conventional Morality Level) के भीतर आने वाले 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के त य और लोकतांत्रिक रूप से स्वीकृत अनुबंध हैं, यदि कोई नियम मानवाधिकारों या सामाजिक कल्याण के विपरीत हो तो उसे तार्किक और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं द्वारा बदला जाना चाहिए, और न्याय तथा नैतिकता केवल कठोर नियमों के पालन से ऊपर होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक दृष्टिकोण, तार्किक स्वायत्तता और सार्वभौमिक न्याय-बोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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