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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) और 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existentialist Intelligence) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, पारिस्थितिक तंत्र के बोध तथा जीवन के मूल दार्शनिक प्रश्नों के अन्वेषण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, प्रकृतिवादी बुद्धि (Naturalistic Intelligence) व्यक्तियों को अपने प्राकृतिक परिवेश, पेड़-पौधों, जानवरों और पारिस्थितिक तंत्र के पैटर्न को पहचानने और वर्गीकृत करने की क्षमता देती है। वहीं, अस्तित्ववादी बुद्धि (Existentialist Intelligence) मनुष्य को जीवन, मृत्यु, ब्रह्मांड और मानव अस्तित्व से जुड़े गहरे दार्शनिक और मौलिक प्रश्नों के बारे में सोचने की क्षमता प्रदान करती है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इन दोनों बुद्धियों के विकास के लिए क्षेत्र-अध्ययन (Field trips), पर्यावरण संरक्षण परियोजनाओं और संवादात्मक दार्शनिक चर्चाओं का उपयोग वैज्ञानिक रूप से सबसे प्रभावी माना गया है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, 'कूपर और हेलर' (Cooper & Heller) तथा अन्य समकालीन मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'कक्षा प्रबंधन और अनुशासन' (Classroom Management and Discipline) के 'सशक्तिकरण उपागम' (Empowerment Approach) के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण रणनीति पारंपरिक सत्तावादी (Authoritarian) नियंत्रण के स्थान पर विद्यार्थियों में आंतरिक अनुशासन और स्वायत्तता (Autonomy) विकसित करने के लिए सर्वाधिक प्रभावी मानी जाती है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory) अथवा 'प्रतीक-gestalt अधिगम' के अंतर्गत प्रतिपादित 'अवगत मानचित्र या संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पर्यावरण और अनुभवों के आधार पर केवल यांत्रिक आदतों या अनुक्रियाओं को ही नहीं सीखता, बल्कि मस्तिष्क में अपने परिवेश का एक मानसिक स्थानिक लेआउट (Spatial Mental Representation) तैयार करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक संज्ञान, लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार और आंतरिक रूप से प्रेरित अन्वेषण कौशल के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अग्रिम संगठन' (Advance Organizer)** की अवधारणा—जिसके तहत किसी नए और जटिल विषय को पढ़ाने से पहले विद्यार्थियों के सामने उच्च-स्तर के, सारांश रूप में और अधिक व्यापक समावेशी परिचयात्मक सामग्रियां प्रस्तुत की जाती हैं, ताकि शिक्षार्थी अपने संज्ञानात्मक ढांचे में पहले से मौजूद प्रासंगिक पूर्व-ज्ञान (Anchor Ideas) के साथ नए ज्ञान को तार्किक रूप से जोड़ सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा के सुदृढ़ीकरण, तार्किक अवबोध और दीर्घकालिक अर्थपूर्ण अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) तथा 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पूर्णतया कार्यशील व्यक्ति' (Fully Functioning Person) एवं 'सार्थक छात्र-केंद्रित शिक्षण' की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी की आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation), आत्म-स्वीकृति और व्यक्तिगत विकास को प्राथमिकता दी जाती है तथा शिक्षक एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) की भूमिका निभाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक स्वास्थ्य, स्वायत्तता और समग्र व्यक्तित्व विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD), 'मचान/सहारा' (Scaffolding), और 'संज्ञानात्मक विकास में संस्कृति एवं भाषा की केंद्रीय भूमिका' के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक वाक् (Inner Speech), सामाजिक अंतःक्रिया और पायरॉजिकल टूल्स (Psychological Tools) के माध्यम से उच्च-स्तरीय मानसिक कार्यों के संवर्द्धन और स्व-नियमन (Self-Regulation) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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