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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सुरक्षित संलग्नता' (Secure Attachment) तथा 'असुरक्षित-चिंतित/प्रतिरोधी संलग्नता' (Insecure-Resistant / Ambivalent Attachment) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), साथियों के साथ सामाजिक अंतःक्रिया, और विद्यालयी वातावरण में अलगाव की चिंता (Separation Anxiety) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
जॉन बॉल्बी के संलग्नता सिद्धांत के अनुसार, बचपन में प्राथमिक देखभाल करने वाले (Primary Caregiver) के साथ विकसित होने वाली संलग्नता शैलियाँ (Attachment Styles) व्यक्ति के जीवन भर के संवेगात्मक और सामाजिक विकास को प्रभावित करती हैं। 'सुरक्षित संलग्नता' (Secure Attachment) वाले बच्चे संवेगात्मक रूप से संतुलित होते हैं, सुरक्षित महसूस करते हैं और नए वातावरण या कार्यों का अन्वेषण करने में आत्मविश्वासी होते हैं। इसके विपरीत, 'असुरक्षित-चिंतित/प्रतिरोधी संलग्नता' (Insecure-Resistant Attachment) वाले बच्चे अत्यधिक अनिश्चित, अलगाव की तीव्र चिंता (Separation Anxiety) से ग्रस्त और शिक्षकों या साथियों पर अत्यधिक निर्भर या द्वंद्वपूर्ण व्यवहार दर्शाते हैं। कक्षा-कक्ष में शिक्षकों द्वारा एक सुरक्षित, सहानुभूतिपूर्ण और अनुमानित वातावरण प्रदान करके इन संवेगात्मक चुनौतियों का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जा सकता है।
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