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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम—'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—तथा इसके ठीक पूर्ववर्ती चरण 'नियम अधिगम' (Rule Learning) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक क्षमताओं, तार्किक विश्लेषण, और जटिल सिद्धांतों के अनुप्रयोग के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Hierarchy of Learning) के अनुसार, अधिगम के आठ प्रकार या स्तर पदानुक्रम में व्यवस्थित हैं: (1) संकेत अधिगम, (2) उद्दीपक-अनुक्रिया अधिगम, (3) मोटर श्रृंखला अधिगम, (4) शाब्दिक साहचर्य, (5) विभेदन अधिगम, (6) संप्रत्यय (कन्सेप्ट) अधिगम, (7) नियम अधिगम, और (8) समस्या-समाधान अधिगम। 'समस्या-समाधान अधिगम' इस पदानुक्रम का सर्वोच्च स्तर है। इसमें विद्यार्थी अपनी पूर्व-अर्जित विभिन्न नियमों और सिद्धांतों का उपयोग करके किसी नई और जटिल समस्या का समाधान निकालते हैं। इसके लिए नियम अधिगम (Rule Learning) का पूर्व में सफल होना अनिवार्य शर्त है, क्योंकि नियमों के बिना उच्च-स्तरीय तार्किक विश्लेषण और संश्लेषण असंभव है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'अनुलग्नक सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रतिरोधी या उभयभावी अनुलग्नक' (Resistant or Ambivalent Attachment) की अवधारणा—जिसके तहत शिशु प्राथमिक देखभालकर्ता (Primary Caregiver) की उपस्थिति में अत्यधिक असहज और चिपका हुआ रहता है, देखभालकर्ता के जाने पर तीव्र संकट या विलाप व्यक्त करता है, किंतु उसके लौटने पर गुस्से और स्नेह का एक साथ विरोधाभासी प्रदर्शन करते हुए आसानी से शांत नहीं होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन, असुरक्षा की भावना और शिक्षक-विद्यार्थी संबंध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संरक्षण का सिद्धांत' (Conservation)**—जिसे उस तार्किक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के रूप, आकार या दिखावे में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान, आयतन या संख्या अपरिवर्तित (Constant) रहती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के विकेंद्रीकरण (Decentration), उत्क्रमणीयता (Reversibility) और मूर्त संक्रियात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'खोजपूर्ण अधिगम या अन्वेषण अधिगम' (Discovery Learning)**—जिसे उस सक्रिय और स्वायत्त शिक्षण पद्धति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी को पूर्व-निर्मित या पचने-पचाए ज्ञान को सीधे पढ़ाने के बजाय अपने स्वयं के तर्कों, अन्वेषणों, प्रयोगों और परिकल्पनाओं के माध्यम से सिद्धांतों, नियमों और वास्तविक ज्ञान का स्वयं पता लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, स्वायत्त समस्या-समाधान और ज्ञानात्मक संरचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Level) के अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अमूर्त न्याय सिद्धांतों, मानवाधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता, और वैधानिक कानूनों के विरोध में भी विवेकपूर्ण मानवतावादी निर्णयों के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संरक्षण या कंजर्वेशन' (Conservation)**—जिसे उस तार्किक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बच्चा यह समझ पाता है कि किसी वस्तु के भौतिक रूप, आकार या दिखावे में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, आयतन, द्रव्यमान या भार अपरिवर्तित (नियत) रहते हैं (जैसे—एक ही मात्रा के पानी को चौड़े बर्तन से लंबे बर्तन में डालने पर पानी की मात्रा समान रहना)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मूर्त संक्रियात्मक चिंतन, मानसिक पलटावी (Reversibility) और वैज्ञानिक संकल्पनाओं के निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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