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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी व्यक्ति-केंद्रित सिद्धांत' (Person-Centred Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-संकल्पना' (Self-Concept) के दो प्रमुख घटकों—(1) वास्तविक आत्म (Real Self) तथा (2) आदर्श आत्म (Ideal Self)—के बीच सामंजस्य (Congruence) एवं विसंगति (Incongruence) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, आत्म-स्वीकृति (Self-Acceptance), और बिना शर्त सकारात्मक आदर (Unconditional Positive Regard) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कार्ल रोजर्स के मानवतावादी सिद्धांत के अनुसार, जब किसी व्यक्ति का 'वास्तविक आत्म' (Real Self—जो वह वास्तव में है) और 'आदर्श आत्म' (Ideal Self—जो वह बनना चाहता है) एक-दूसरे के निकट होते हैं, तो उसमें सामंजस्य (Congruence) होता है, जो मानसिक स्वास्थ्य का प्रतीक है। इसके विपरीत, इनके बीच की बड़ी खाई या विसंगति (Incongruence) से चिंता, तनाव और कुसमायोजन उत्पन्न होता है। एक शिक्षक के रूप में, कक्षा में 'बिना शर्त सकारात्मक आदर' (Unconditional Positive Regard) का वातावरण प्रदान करके विद्यार्थी की आत्म-स्वीकृति को बढ़ाया जा सकता है और इस मनोवैज्ञानिक विसंगति को दूर किया जा सकता है।
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