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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन ट्रिपलेट (Norman Triplett) तथा रॉबर्ट ज़जोंक (Robert Zajonc) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक संवितरण' (Social Facilitation) तथा 'सामाजिक निष्क्रियता' (Social Loafing) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की सामूहिक सहभागिता, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) के दौरान व्यक्तिगत उत्तरदायित्व (Individual Accountability), और साथियों की उपस्थिति में निष्पादन की गुणवत्ता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

व्याख्या: मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के दृष्टिकोण से, नॉर्मन ट्रिपलेट और रॉबर्ट ज़जोंक के सामाजिक मनोविज्ञान के सिद्धांत अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। 'सामाजिक संवितरण' (Social Facilitation) के अनुसार, अन्य व्यक्तियों की उपस्थिति व्यक्ति के भीतर शारीरिक और मानसिक उत्तेजना (Arousal) को बढ़ाती है, जिससे अधिगम के सरल और पूर्व-अभ्यस्त (Dominant responses) कार्यों में निष्पादन बेहतर होता है, परंतु जटिल कार्यों में त्रुटियों की संभावना बढ़ जाती है जिसे 'सामाजिक अवरोध' कहा जाता है। दूसरी ओर, 'सामाजिक निष्क्रियता' (Social Loafing) तब होती है जब समूह कार्य में व्यक्तिगत योगदान की पहचान नहीं हो पाती, जिससे छात्र कम प्रयास करते हैं। कक्षा में इस समस्या के निवारण के लिए 'व्यक्तिगत उत्तरदायित्व' (Individual Accountability) तय करना एक वैज्ञानिक और प्रभावी शिक्षण रणनीति है। अतः विकल्प (A) पूर्णतः सत्य और वैज्ञानिक रूप से प्रामाणिक है।
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