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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संरचनात्मक अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning / Constructivist Theory of Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित प्रतिनिधित्व के तीन रूपों—(1) सक्रियता आधारित प्रतिनिधित्व (Enactive Representation), (2) दृश्य/प्रतिबिम्बात्मक प्रतिनिधित्व (Iconic Representation), और (3) सांकेतिक/प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व (Symbolic Representation)—के साथ-साथ 'स्पाइरल करिकुलम' (Spiral Curriculum) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की अमूर्त संकल्पनाओं के बोध, पूर्व ज्ञान के क्रमिक विस्तार, और समस्या-समाधान क्षमताओं के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जेरोम ब्रूनर के संज्ञानात्मक विकास और शिक्षण सिद्धांत के अनुसार, बच्चे दुनिया को तीन रूपों में समझते हैं: (1) सक्रियता आधारित (Enactive - कार्यों के द्वारा, लगभग 0-1 वर्ष), (2) प्रतिबिम्बात्मक (Iconic - छवियों और दृश्यों के माध्यम से, लगभग 1-6 वर्ष), और (3) सांकेतिक (Symbolic - भाषा, तर्क और प्रतीकों के माध्यम से, 7 वर्ष से आगे)। ब्रूनर का 'स्पाइरल करिकुलम' (कुंडलित पाठ्यक्रम) यह सिखाता है कि किसी भी जटिल विषय को किसी भी विकास段階 के बच्चे को उसकी आयु के अनुकूल बौद्धिक रूप से सरल रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है और बाद के वर्षों में उसे अधिक गहराई और प्रतीकात्मक जटिलता के साथ पुनः पढ़ाया जा सकता है। यह विकल्प 'a' इस प्रक्रिया का सबसे सटीक और मनोवैज्ञानिक रूप से प्रामाणिक वर्णन करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अन्तर्व्यक्तिगत बुद्धि' (Interpersonal Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत अन्य व्यक्तियों के सूक्ष्म संकेतों, मनोभावों, प्रेरणाओं, और उनकी आंतरिक इच्छाओं को समझने, उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने और उनके सामाजिक व्यवहार को सफलतापूर्वक संचालित करने की उच्च क्षमता शामिल होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की सहयोगात्मक क्षमताओं, सहानुभूति (Empathy), और सामूहिक नेतृत्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड कोलब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित चार प्रमुख चरणों—(1) मूर्त अनुभव (Concrete Experience), (2) विचारपूर्ण प्रेक्षण (Reflective Observation), (3) अमूर्त अवधारणा (Abstract Conceptualization), और (4) सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation)—तथा उनके द्वारा सुझाए गए चार अधिगम शैलियों (Convergent, Divergent, Assimilant, Accommodant) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की व्यक्तिगत अधिगम प्राथमिकताओं और अनुभवात्मक ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवधारणा—**'करके सीखना' (Learning by Doing)** और **'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking)**—जिसके तहत शिक्षा को केवल भविष्य के जीवन की तैयारी न मानकर स्वयं जीवन का एक वर्तमान अनुभव माना जाता है, तथा शिक्षार्थी अपनी सक्रिय सहभागिता, वास्तविक जीवन की समस्याओं के अन्वेषण और वैज्ञानिक पद्धति के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास, आलोचनात्मक समस्या-समाधान और अनुभवात्मक ज्ञान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन मंटेल और जेरोम ब्रूनर द्वारा समर्थित तथा संज्ञानात्मक मनोविज्ञान में केंद्रीय महत्व रखने वाले 'स्क্যাफोल्डिंग या पाटन' (Scaffolding) की अवधारणा से थोड़ा आगे बढ़कर, जॉन फ्लेवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'अधिज्ञानात्मकता या मेटाकॉग्निशन' (Metacognition) के अंतर्गत आने वाले घटक 'अधिज्ञानात्मक ज्ञान' (Metacognitive Knowledge - जिसमें व्यक्ति की अपनी संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता, कार्य संबंधी ज्ञान और रणनीतिक ज्ञान शामिल है) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning), संज्ञानात्मक निगरानी (Cognitive Monitoring) और आलोचनात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पहचान बनाम भूमिका संभ्रम' (Identity vs. Role Confusion) की अवस्था—जिसके तहत किशोरावस्था (Adolescence) के दौरान युवा व्यक्ति अपने व्यक्तिगत मूल्यों, मान्यताओं, भविष्य के करियर, लैंगिक भूमिका और सामाजिक पहचान को स्थापित करने के लिए गंभीर आत्म-चिंतन और प्रयोग करता है, तथा अपनी स्वतंत्र अस्मिता की खोज करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-संकल्प (Self-Concept), आंतरिक स्थिरता और सकारात्मक आत्म-छवि के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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