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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित विभिन्न प्रकार की बुद्धियों—विशेषकर 'अन्तःवैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) और 'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Interpersonal Intelligence)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की सामाजिक-संवेगात्मक क्षमताओं, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), और आत्म-नियमन (Self-Regulation) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत (1983) के अनुसार, बुद्धिमत्ता केवल एक सामान्य मानसिक क्षमता (g-factor) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र क्षमताओं के बहुविध स्वरूप में विद्यमान है। 'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Interpersonal Intelligence) व्यक्तियों को दूसरों के मनोभावों, व्यवहारों और संकेतों को समझकर उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद करने और सहयोगात्मक रूप से कार्य करने की क्षमता प्रदान करती है। इसके विपरीत, 'अन्तःवैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) व्यक्ति को अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, कमजोरियों और शक्तियों का सूक्ष्म आंतरिक बोध कराती है, जिससे विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक प्रगति का स्व-आकलन और आत्म-नियमन (Self-Regulation) सफलतापूर्वक कर पाते हैं। अतः विकल्प (A) इसका पूर्णतः वैज्ञानिक और प्रामाणिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
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