त्वरित लिंक्स
MPTET
19 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हर्बर्ट गार्डनर (Howard Gardner) अथवा डेविड पर्किंस (David Perkins) की 'वितरित बुद्धि' (Distributed Intelligence / Cognition in the Wild) तथा एडविन हचिंस (Edwin Hutchins) के विचारों पर आधारित 'वितरित संज्ञान' (Distributed Cognition) की अवधारणा—जिसके तहत संज्ञान केवल मस्तिष्क के भीतर सीमित न रहकर व्यक्तियों, सांस्कृतिक उपकरणों, भौतिक माध्यमों और सामाजिक अंतःक्रियाओं के बीच वितरित (Distributed across persons, environment, and tools) होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक समस्या-समाधान, डिजिटल/तकनीकी साधनों के उपयोग, और सामाजिक-सांस्कृतिक अधिगम परिवेश के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के उच्च स्तर के मानक के अनुसार, 'वितरित संज्ञान' (Distributed Cognition) एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधुनिक मनोवैज्ञानिक संकल्पना है। यह इस बात पर बल देती है कि ज्ञान और चिंतन केवल एक अकेले छात्र के मस्तिष्क के भीतर बंद नहीं होते, बल्कि वे छात्रों, शिक्षकों, भौतिक वातावरण, सांस्कृतिक प्रणालियों और डिजिटल/शैक्षणिक उपकरणों के बीच फैले या 'वितरित' होते हैं। विकल्प (b) इस सिद्धांत के वास्तविक वैज्ञानिक और कक्षा-कक्षीय निहितार्थ को सटीक रूप से परिभाषित करता है, जो सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और मचान (Scaffolding) के सिद्धांतों के अनुकूल है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, उर्री ब्रॉन्fenbrenner (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकीय प्रणालियों का सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'माइक्रोसिस्टम या सूक्ष्मतंत्र' (Microsystem)**—जिसे उस सबसे भीतरी और प्रत्यक्ष पर्यावरण परत के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके साथ बालक अपने दैनिक जीवन में आमने-सामने की सीधी अंतःक्रिया करता है (जैसे कि परिवार, विद्यालय, सहपाठी समूह और पास-पड़ोस)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सामाजिक-संवादात्मक विकास, प्रेरणा और व्यक्तिगत अनुभवों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत व्यक्तित्व की संरचना से जुड़े तीन घटकों—'इदम' (Id), 'अहम' (Ego), और 'पराअहम' (Superego)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों और मनोवैज्ञानिक गतिकी (Psychological Dynamics) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) और 'व्यक्त्तिकेंद्रित शिक्षण' (Person-Centered Teaching) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अर्थपूर्ण अनुभवात्मक अधिगम' (Significant Experiential Learning) के सिद्धांतों तथा शिक्षक की एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) के रूप में भूमिका के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-प्रभावीकारिता या सेल्फ-एफ़िकेसी' (Self-Efficacy)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक विश्वास के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति यह आकलन करता है कि वह विशिष्ट परिस्थितियों में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और अपेक्षित कार्य-निष्पादन (Performance) को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए कितनी क्षमता रखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, शैक्षणिक दृढ़ता (Academic Resilience) और लक्ष्य-निर्धारण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'शेपिंग या आकृतीकरण' (Shaping)**—जिसे उस क्रमिक सन्निकटन विधि (Method of Successive Approximations) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से किसी जटिल या नवीन वांछित व्यवहार को सीधे एक बार में प्रदर्शित करने की अपेक्षा, उस अंतिम लक्ष्य की ओर ले जाने वाले छोटे-छोटे क्रमिक चरणों और व्यवहारों को सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) प्रदान करके धीरे-धीरे ढाला या विकसित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नए कौशल अर्जन, जटिल व्यवहार संशोधन और सकारात्मक सुदृढ़ीकरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.