त्वरित लिंक्स
MPTET
1 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की संरचना के तीन प्रमुख घटकों—इदम (Id), अहम् (Ego), और पराअहम् (Superego)—के पारस्परिक गत्यात्मक संघर्ष (Dynamic Conflict) तथा 'रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms) जैसे कि 'युक्तिकरण' (Rationalization) या 'प्रक्षेपण' (Projection) की अवधारणाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, चिंता प्रबंधन (Anxiety Management), और नैतिक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिगमंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, व्यक्तित्व तीन घटकों—इदम (Id: सुख के सिद्धांत पर आधारित), अहम् (Ego: वास्तविकता के सिद्धांत पर आधारित और दोनों के बीच मध्यस्थ), तथा पराअहम् (Superego: आदर्शवादी और नैतिक मानकों पर आधारित)—से मिलकर बनता है। जब इदम और पराअहम् के बीच संघर्ष के कारण अत्यधिक चिंता (Anxiety) उत्पन्न होती है, तब अहम् अचेतन स्तर पर 'रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms) का उपयोग करके व्यक्ति के मानसिक संतुलन की रक्षा करता है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की मुख्य विशेषता—'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक परिकल्पना निर्माण, तार्किक प्रयोगात्मक परीक्षण, और बहु-आयामी समस्याओं के स्वतंत्र विश्लेषण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'विकेंद्रीकरण' (Decentration)**—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से बालक किसी वस्तु या समस्या के केवल एक ही आयाम (Single Dimension) पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं, गुणों या दृष्टिकोणों को एक साथ देखने और उनमें समन्वय स्थापित करने की योग्यता प्राप्त करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, संरक्षण (Conservation) की अवधारणा और तार्किक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेविंसन (Daniel Levinson) के 'वयस्क विकास के मनोसामाजिक सिद्धांत' (Psychosocial Theory of Adult Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'मध्य-वयस्कता के संक्रमण' (Mid-Life Transition) तथा 'वयस्क जीवन की संरचना' (Adult Life Structure) की अवधारणाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय तथा वयस्क शिक्षा (Adult Education) के संदर्भ में शिक्षकों के 'व्यावसायिक जीवन चक्र' (Professional Life Cycle) और 'बर्नआउट' (Burnout) के प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रगामी संगठक या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नवीन अवधारणा को प्रस्तुत करने से पहले एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और अमूर्त शिक्षण ढांचा या परिचयात्मक सामग्री शिक्षार्थियों के सामने प्रस्तुत की जाती है, जिससे वे अपने पूर्व-ज्ञान (Cognitive Structure) के साथ नए ज्ञान को तार्किक रूप से जोड़ (Anchoring) सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा विकास, तार्किक अनुक्रमण और सार्थक ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) और 'व्यक्तियों-केंद्रित शिक्षण' (Person-Centered Teaching) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सार्थक या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम में व्यक्ति की संपूर्णता (संज्ञानात्मक और संवेगात्मक दोनों) शामिल होती है, और यह तब सबसे अधिक प्रभावी होता है जब छात्र स्वयं अपनी पहल पर, अपनी जिज्ञासा से और विषय-वस्तु को अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों व जीवन से जोड़कर सीखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त अधिगम, आत्म-मूल्यांकन और व्यक्तिगत विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.