त्वरित लिंक्स
MPTET
17 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रतीकात्मक अवस्था' (Symbolic Representation Stage) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा भौतिक वस्तुओं या प्रत्यक्ष छवियों पर निर्भर रहने के बजाय अमूर्त प्रतीकों, भाषा, तार्किक संकेतों, गणितीय चिह्नों और वचनों के माध्यम से दुनिया को समझता है, मानसिक संचालन करता है और जटिल वैचारिक समस्याओं का विश्लेषण करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अमूर्त चिंतन, तार्किक भाषा कौशल और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक संरचनाओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जेरोम ब्रूनर के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, बौद्धिक विकास तीन अवस्थाओं से होकर गुजरता है: अधिलाक्षणिक या क्रियात्मक (Enactive), दृश्य-प्रतिमात्मक (Iconic), और प्रतीकात्मक (Symbolic Representation)। प्रतीकात्मक अवस्था में बच्चा अमूर्त विचारों, भाषा, शब्दों, और गणितीय प्रतीकों का उपयोग करके वास्तविकता को प्रस्तुत करना सीख जाता है। इस स्तर पर बालक भौतिक वस्तुओं पर अपनी प्रत्यक्ष निर्भरता को छोड़कर तार्किक रूप से सोचने, परिकल्पनाएं गढ़ने और अमूर्त समस्याओं का समाधान करने की उच्च-स्तरीय मानसिक क्षमता प्राप्त कर लेता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में यह अवस्था छात्रों के वैचारिक लचीलेपन, उच्च-स्तरीय भाषा संप्रेषण और सैद्धांतिक ज्ञानार्जन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'बुद्धि के द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित सामान्य कारक (G-Factor) तथा विशिष्ट कारक (S-Factor) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमताओं के समेकन, अंतर-विषयक कौशल हस्तांतरण (Cross-disciplinary Skill Transfer), और संज्ञानात्मक दक्षता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी शिक्षण तकनीक—**'व्यवहार रूपांतरण में टोकन इकोनॉमी' (Token Economy)**—जिसके तहत वांछित और सकारात्मक सामाजिक-शैक्षणिक व्यवहारों को प्रदर्शित करने पर विद्यार्थियों को प्रतीकों या टोकन (जैसे अंक, सितारे, या कूपन) प्रदान किए जाते हैं, जिन्हें बाद में उनकी पसंद के मूर्त या अमूर्त प्रबलकों (Reinforcers) के साथ विनिमय किया जा सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बाह्य अभिप्रेरण, अनुशासित आचरण और सुदृढ़ीकरण अनुसूचियों (Schedules of Reinforcement) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था की अहमकेन्द्रिता (Egocentrism) से आगे बढ़ते हुए बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही आयाम (Dimension) या पक्ष पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं, आयामों और दृष्टिकोणों को एक साथ देखने और मानसिक रूप से संतुलित करने की क्षमता विकसित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहु-आयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्스키 (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा—जिसके तहत वास्तविक विकासात्मक स्तर (जो स्वतंत्र समस्या-समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकासात्मक स्तर (जो वयस्क मार्गदर्शन या अधिक सक्षम साथियों के सहयोग से समस्या-समाधान द्वारा निर्धारित होता है) के बीच का अंतर शामिल होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मचान निर्माण (Scaffolding), संज्ञानात्मक विस्तार और सामाजिक अंतःक्रिया के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, पॉल पाlov (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विलोपन' (Extinction) की अवधारणा—जिसके तहत यदि अनियंत्रित उद्दीपक (Unconditioned Stimulus - UCS) के बिना बार-बार केवल अनुबंधित उद्दीपक (Conditioned Stimulus - CS) ही प्रस्तुत किया जाता है, तो धीरे-धीरे अनुबंधित अनुक्रिया (Conditioned Response - CR) की तीव्रता कम होने लगती है और अंततः वह समाप्त हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहारों के संशोधन, भय या चिंता के शमन (Desensitization) और आदतों के पुनर्गठन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.