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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Theory of Human Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर की आवश्यकता—अर्थात् 'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण की आवश्यकता' (Need for Self-Actualization)—की अवधारणा, जिसके तहत व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता, प्रतिभा और अंतर्निहित संभावनाओं का पूर्ण विकास और सदुपयोग करने के लिए प्रेरित होता है, और यह आवश्यकता तभी सक्रिय होती है जब उसकी पिछली सभी शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान संबंधी आवश्यकताएं संतोषजनक रूप से पूरी हो चुकी होती हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक अभिप्रेरणा, रचनात्मकता के विकास और उनके संपूर्ण व्यक्तित्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के दृष्टिकोण से, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) का 'मानवीय आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत' अत्यंत महत्वपूर्ण है। मैस्लो ने आवश्यकताओं को दो श्रेणियों में बांटा है: कमी की आवश्यकताएं (Deficiency Needs - जैसे शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान) और विकास की आवश्यकताएं (Growth Needs - जिनमें सर्वोच्च स्तर पर 'आत्म-सिद्धि' या 'Self-Actualization' आती है)। आत्म-सिद्धि का अर्थ है कि व्यक्ति अपनी संपूर्ण क्षमता, सृजनात्मकता और अंतर्निहित योग्यताओं का पूर्ण विकास करे। कक्षा-कक्ष में जब विद्यार्थियों की बुनियादी और मनोवैज्ञानिक जरूरतें पूरी हो जाती हैं, तो वे अपनी सर्वोच्च क्षमता और रचनात्मकता की ओर अग्रसर होते हैं। अतः विकल्प (b) इस अवधारणा का सबसे प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य विवरण है।
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