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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'खोज अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'स्पाइरल पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) की अवधारणा—जिसके तहत किसी भी विषय या जटिल संप्रत्यय को बच्चे के शुरुआती विकास चरणों में सरल और मूर्त रूप में प्रस्तुत किया जाता है और जैसे-जैसे छात्र की आयु, संज्ञानात्मक परिपक्वता और अनुभव का स्तर बढ़ता जाता है, उसी विषय को अधिक अमूर्त, जटिल और उन्नत स्वरूप में बार-बार गहराई के साथ पुनरावृत्ति और विस्तार के साथ पढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान के सुदृढ़ीकरण, स्कीमा के उत्तरोत्तर विकास और अवधारणात्मक स्पष्टता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

जेरोम ब्रूनर के 'स्पाइरल पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) के अनुसार, किसी भी विषय को बच्चों की विकासात्मक अवस्थाओं के अनुकूल सरल रूप में शुरू करके उत्तरोत्तर अधिक अमूर्त और जटिल स्तर पर बार-बार पढ़ाया जाना चाहिए। यह दृष्टिकोण विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) का क्रमिक विकास करता है और पूर्व-ज्ञान को नए अधिगम से जोड़ते हुए स्थायी और सार्थक ज्ञानार्जन को बढ़ावा देता है।
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