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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा—जिसके तहत वास्तविक विकासात्मक स्तर (जो स्वतंत्र समस्या-समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकासात्मक स्तर (जो वयस्क मार्गदर्शन या अधिक सक्षम साथी (MKO) के सहयोग से प्राप्त किया जाता है) के बीच का अंतर स्पष्ट किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मचान (Scaffolding) निर्माण, सहयोगात्मक समस्या-समाधान और संज्ञानात्मक विस्तार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की का 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) और 'मचान' (Scaffolding) का सिद्धांत यह स्पष्ट करता है कि बच्चों का संज्ञानात्मक विकास मुख्य रूप से सामाजिक अंतःक्रियाओं के माध्यम से होता है। कोई भी जटिल ज्ञान या कौशल पहले सामाजिक स्तर पर (व्यस्क या MKO के साथ सहयोगात्मक रूप से) सीखा जाता है और अंतःक्षेपण (Internalization) के पश्चात वह बच्चे के आंतरिक मानसिक ढांचे का हिस्सा बन जाता है। अतः विकल्प (b) इस मनोवैज्ञानिक सिद्धांत के वास्तविक और प्रामाणिक निहितार्थ को पूर्णतः सटीक रूप में व्यक्त करता है।
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