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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) की अवधारणा—जिसके तहत पारंपरिक नैतिकता से आगे बढ़कर व्यक्ति यह समझ विकसित करता है कि कानून और नियम लचीले सामाजिक समझौते हैं जिन्हें समाज के कल्याण और व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक रूप से बदला जा सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास, तार्किक नैतिक निर्णय लेने की क्षमता और आलोचनात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights Orientation) उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-conventional Level, स्टेज 5) के अंतर्गत आता है। इस अवस्था में व्यक्ति यह समझता है कि नियम और कानून समाज के अधिकतम कल्याण के लिए आपसी सहमति से बनाए गए अनुबंध हैं। यदि कोई कानून व्यक्तिगत अधिकारों या मानवाधिकारों का हنन करता है, तो उसे लोकतांत्रिक तरीकों से बदला जा सकता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में यह दृष्टिकोण विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्य, तार्किक निर्णय लेने की क्षमता, न्याय की भावना और आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) को बढ़ावा देने में अत्यंत प्रभावी है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)**—जिसे उस अचेतन मनोवैज्ञानिक रणनीतियों के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनके माध्यम से अहंकार (Ego) इड (Id) की आवेगपूर्ण इच्छाओं और सुपरइगो (Super-ego) की कठोर नैतिक मांगों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety) और आंतरिक संघर्ष से स्वयं को बचाने के लिए वास्तविकता को विकृत या अस्वीकार करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक समायोजन और रक्षात्मक व्यवहारों (जैसे—दमन, युक्तिकरण या विस्थापन) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद या प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित **'तत्परता का नियम' (Law of Readiness)** की अवधारणा—जिसके तहत यदि तंत्रिका तंत्र (Nervous System) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसे कार्य करने दिया जाता है, तो व्यक्ति को संतोष या आनंद मिलता है जिससे अधिगम मजबूत होता है, इसके विपरीत यदि तैयार होने पर कार्य न करने दिया जाए या बिना तैयार हुए जबरन कार्य कराया जाए, तो झुंझलाहट या असंतोष उत्पन्न होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूलित मानसिक विन्यास, सहज ज्ञानार्जन और अधिगम की प्रभावशीलता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के सर्वोच्च स्तर—'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा का अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation)—की वास्तविक मनोवैज्ञानिक विशेषता और 'सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास' (Social Contract Orientation) के साथ इसके तात्विक विभेद के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement)** की अवधारणा—जिसके तहत किसी अप्रिय, कष्टदायक या अवांछित उद्दीपन (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर किसी वांछित अनुक्रिया या व्यवहार की आवृत्ति और संभावना को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहारों के प्रोत्साहन, तनाव मुक्ति और अधिगम प्रबंधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) की अवधारणा—जिसके तहत यह उच्चतम स्तर का अधिगम (आठवाँ स्तर) है जहाँ शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और संप्रत्ययों का उपयोग करके एक नई, जटिल और अनपेक्षित समस्या का तार्किक समाधान खोजता है तथा संज्ञानात्मक नियमों का पुनर्गठन करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय बौद्धिक कौशल, स्वतंत्र चिंतन और सृजनात्मकता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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